भोपाल में आतंकी को पकड़ा गया है।
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ISIS का सदस्य होने के शक में भोपाल से गिरफ्तार किये गए सैय्यद अदनान को लेकर जांच एजेंसियों ने एक और खुलासा किया है। एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सैय्यद अदनान ISIS का सोशल मीडिया चलाता था। वो सोशल मीडिया में भड़काऊ वीडियो डालता था। इससे वो आसानी से युवकों को टारगेट कर लेता था। इस तरह से वो एक नेटवर्क तैयार करने में लगा हुआ था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जमानत मिलने के बाद वह चरमपंथी सामग्री पोस्ट करने और समान विचारधारा वाले युवकों को भर्ती करने की गतिविधियों में तेजी ले आया। इससे पहले वह जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो करने लगा था। इसी दौरान ISIS की विचारधारा से प्रभावित हो गया। सीए का स्टूडेंट सैयद अदनान ISIS के लिए सोशल मीडिया हैंडलर के तौर पर काम करता था। वे आईएसआईएस से जुड़ी जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था। इन वीडियोज में मजहब के नाम पर मर मिटने जैसी तकरीरें होती थीं।
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सीरियाई ISIS कमांडर के संपर्क में रहते थे
दोनों ही सिग्नल ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीरियाई ISIS कमांडर के संपर्क में रहते थे। वहां से मिले निर्देश के अनुसार वीडियोज को अलग-अलग सोशल मीडिया ग्रुप पर शेयर करने का काम किया जाता था। फर्जी पहचान से बनाए गए यूट्यूब चैनल्स पर भी इन वीडियोज को प्रचारित और प्रसारित किया जाता था। भोपाल का अदनान सात महीने पहले ही दिल्ली के अदनान के संपर्क में आया था।
धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें मिलीं
जानकारी के अनुसार सैय्यद अदनान भोपाल के करोंद इलाके में रहता है। उसने बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। 10 साल की उम्र तक मदरसे में पढ़ा है। इसके बाद इसका झुकाव कट्टरपंथ की तरफ बढ़ता चला गया। अदनान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 अक्तूबर की सुबह चार बजे उसके घर से गिरफ्तार किया था। उसके कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ीं किताबें भी मिली थीं। पुलिस उसका एक लैपटॉप भी ले गई है। अदनान ने इंस्टाग्राम पर खिलजी नाम से एक फेक आईडी भी बना रखी थी।