भोपाल में बोइंग 777-300ईआर विमान की लैडिंग
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राजधानी भोपाल के राजा भोज विमानतल ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह मध्यप्रदेश का पहला एयरपोर्ट बन गया है, जहां कोड-ई श्रेणी के विशाल बोइंग 777-300 ईआर विमान की सफल ट्रायल लैंडिंग और टेकऑफ किया गया। 25 मार्च को इंडियन एयरफोर्स ने भोपाल एयरपोर्ट पर विमान की सफल लैंडिंग और टेकऑफ किया। यह विमान 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है।
बता दें कि यह पहली बार है, जब मध्यप्रदेश की धरती पर इस स्तर के विमान का संचालन हुआ है। इस अत्याधुनिक विमान का उपयोग मुख्य रूप से लंबी दूरी की उड़ानों और विशेष वीवीआईपी परिवहन के लिए किया जाता है। भारत में आमतौर पर इस श्रेणी के विमान भारतीय वायुसेना और प्रधानमंत्री की उड़ानों में देखे जाते हैं। भोपाल एयरपोर्ट पर इस परीक्षण ने अंतरराष्ट्रीय और बड़े विमानों के संचालन के लिए उसकी क्षमताओं को मजबूत किया है।
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इस विमान की लैंडिंग के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। क्योंकि भोपाल एयरपोर्ट वर्तमान में ARFF श्रेणी CAT-7 के तहत संचालित होता है। मंगलवार को किए गए इस ट्रायल के दौरान, भोपाल सिटी फायर सर्विस के सहयोग से आवश्यक सुरक्षा स्तर CAT-9 प्रदान किया गया। भोपाल एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि भोपाल एयरपोर्ट को इस ऐतिहासिक ट्रायल के लिए चुना गया। यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और अब यह अत्याधुनिक विमान कभी भी यहां उतर सकता है।
भोपाल एयरपोर्ट की बढ़ती क्षमताएं
भोपाल एयरपोर्ट पहले से ही बेहतर बुनियादी ढांचे की दिशा में कार्य कर रहा है। वर्तमान में यहां पर अधिकतम A-321 विमानों का संचालन किया जाता है, लेकिन बोइंग 777-300 ईआर की सफल ट्रायल लैंडिंग से एयरपोर्ट की क्षमताओं को और अधिक उन्नत करने का रास्ता खुल गया है। अब यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वीवीआईपी विमानों के लिए भी तैयार होने की दिशा में बढ़ रहा है।
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यह है विमान की विशेषताएं
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विमान की कुल लंबाई: 74 मीटर
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पंखों का विस्तार: 64.8 मीटर
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यात्री क्षमता: लगभग 350 से 400 यात्री