जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना के फैसले के बाद प्रदेश की सियासत गर्म है। इन दोनों मुद्दों पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह समय हिंदू समाज के आत्ममंथन का है और यदि बहन-बेटियों की सुरक्षा नहीं की जा सकी, तो जीने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। शर्मा ने ‘सकल हिंदू समाज’ के प्रदर्शन को जनता के गुस्से की आवाज बताया और कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक लड़ाई है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि केवल प्रेम के नाम पर धोखा और शारीरिक शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कैफे और कॉलेजों के बाहर कैमरे लगाने की मांग
रामेश्वर शर्मा ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजधानी और अन्य शहरों में स्कूल, कॉलेज, कैफे और सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके। शर्मा ने कहा कि कॉलेज परिसरों से लेकर आस-पास की दुकानों तक, हर स्थान को कैमरे की निगरानी में लाना जरूरी है।
'पाकिस्तान जिंदाबाद' नारे पर जताई नाराजगी
इंदौर में हाल ही में एक प्रदर्शन के दौरान 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के कथित नारों का वीडियो सामने आने पर शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत में रहकर अगर कोई पाकिस्तान के समर्थन में नारा लगाता है तो यह केवल कानून का नहीं, दिलों का भी उल्लंघन है। शर्मा ने अपील की कि बच्चों को बचपन से ही देशभक्ति की शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वह पहले खुद को भारतीय समझें, फिर कोई अन्य पहचान अपनाएं।
जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी पर निशाना
शर्मा ने जातिगत जनगणना पर केंद्र सरकार के निर्णय का समर्थन किया, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले अपनी जाति स्पष्ट करें, फिर दूसरों को उपदेश दें। शर्मा का कहना है कि यह निर्णय किसी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन और हकदारी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया कदम है। उन्होंने दावा किया कि इससे समाज के हर वर्ग को पहचान और अधिकार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय की आंतरिक विविधता भी सामने आएगी।