मध्य प्रदेश में नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मांस, मछली और चिकन की दुकानों को बंद करने की मांग जोर पकड़ रही है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने नवरात्रि के दौरान मांस दुकानों को बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए नवरात्रि के दौरान मांस दुकानों को बंद करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब की बात करने वाले दलों को हिंदू त्योहारों के महत्व को भी समझना चाहिए। शर्मा ने सवाल उठाया कि "गंगा-जमुनी तहजीब केवल हिंदुओं पर ही क्यों लागू होती है? अगर मुस्लिम समुदाय हिंदू त्योहारों का सम्मान करेगा, तो हिंदू भी उनके पर्वों का सम्मान करेंगे।
कलेक्टर को भारत रक्षा मंच ने लिखा पत्र
इस मुद्दे को लेकर भारत रक्षा मंच ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को पत्र भेजा है, जिसमें नवरात्रि के नौ दिनों तक मांस दुकानों को बंद करने की अपील की गई है। मंच का कहना है कि खुले में लटके मांस से नवरात्रि के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं और उपवास करने वालों की भावनाएं आहत होती हैं। इसी मांग का समर्थन संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने भी किया है, जिन्होंने कहा कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक मांस और मटन की दुकानों को बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि यह समय माता की पूजा और उपासना का होता है।
कांग्रेस का भाजपा पर माहौल खराब करने का आरोप
वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफीज ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। हफीज ने कहा कि भोपाल गंगा-जमुनी तहजीब का शहर है, जहां हर धर्म के लोग एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करते हैं। बता दें कि चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू हो रही है, जिसे हिंदू समाज अपना पवित्र त्योहार मानता है। इस दौरान नौ दिन माता की पूजा और उपासना की जाती है।