भारतीय जनता पार्टी के एक मंडल अध्यक्ष द्वारा खुद की पार्टी के नेताओं द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी में मची आपसी कलह इस कदर हावी हो चुकी है कि पार्टी में अब महिलाओं को भी प्रताड़ित किया जाना उन्हें आत्महत्या तक के लिए मजबूर किया जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला बीजेपी की मंडल अध्यक्ष दलित महिला नारायणी बरेठा का सामने आया है, जिसमें उन्होंने स्वयं एक वीडियो जारी कर बीजेपी के शिवाजी मंडल के अध्यक्ष सहित अन्य लोगों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा अपशब्दों का उपयोग कर दुर्व्यवहार करने का संगीन आरोप लगाया है।वीडियो में आत्महत्या करने जैसे कदम उठाने और सल्फास खाने की बात की गई है।
मुकेश नायक ने कहा है कि लगातार दलितों-आदिवासियों को प्रताड़ित करना बीजेपी नेताओं की फितरत है। दलित समाज की महिला के साथ अभद्र भाषा में बात करने पर भी एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई कार्रवाई नहीं होती। आखिर कहां हैं, बीजेपी के नेता जो रोज इधर-उधर की बात करते हैं।परंतु अपनी ही दलित मंडल अध्यक्ष के साथ प्रताड़ना को रोक नहीं पा रहे, अब आत्महत्या की कगार तक बात आ गई है। कहां हैं, प्रदेश के गृह मंत्री बनाम मुख्यमंत्री जी।
आत्महत्या करने के लिए विवश हुई महिला
नायक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मंडल अध्यक्ष नारायणी बरेठा ने एक वीडियो जारी किया है, उस वीडियो में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें जातिसूचक अभद्र शब्दों का प्रयोग उनके साथ किया गया है और उन्हें इस हद तक प्रताड़ित किया जा रहा है कि वह आत्महत्या करने के लिए विवश हो रही है और भारतीय जनता पार्टी के नेता इसे अपना पारिवारिक मामला बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि जब आपके परिवार के ही यह हालात हैं, परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित होकर, वह भी एक दलित महिला जो आत्महत्या के लिए मजबूर हो रही है, इसको वह पारिवारिक मामला बता रहे हैं। यह कितना दुर्भाग्यजनक है। एक ओर तो दिल्ली के एक मामले को वह राष्ट्रीय मुद्दा बता रहे हैं, और दूसरे तरफ अपने ही मंडल अध्यक्ष को पारिवारिक मामला बता रहे हैं। मैं मध्यप्रदेश के गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी से यह कहना चाहता हूं कि वह इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर गंभीरता से जांच करायें और और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करें।