मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में आठ चीतों की मौत के बाद उनकी सुरक्षा और मॉनीटरिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। इसको लेकर पूछे सवाल पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इंटरनेशनल एक्सपर्ट कूनो पहुंचकर जांच करेंगे।
केंन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने साफ कहा कि चीतों को अभी यहां के इनवायरमेंट में अनुकूल होने में समय लगेगा। उनको यहां के वातावरण में ढलने में एक वर्ष का समय चाहिए। मंत्री ने साफ कहा कि मध्य प्रदेश से चीतों को कहीं शिफ्ट नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि हम पूरी तरह विश्वास है कि प्रोजेक्ट सफल होगा। बता दें शुक्रवार को नर चीता सूरज मृत मिला था। उसकी गर्दन और पीठ पर चोट के निशान थे। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। श्योपुर के कूनो पार्क में 20 चीतों में से सिर्फ 15 ही बचे हैं। इसमें 7 नर और 8 मादाएं है। वहीं, चार शावकों में से तीन की मौत हो गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने चीता सूरज की मौत को लेकर बताया कि शुक्रवार सुबह 6.30 बजे निगरानी दल को पालपुर एरिया में चीता सूरज सुस्त अवस्था में मिला था। निगरानी दल के पास जाने पर उसने दौड़ लगा दी थी। उसके गले के पास मक्खियां भिन्न-भिन्ना रही थी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमार्ट्म के बाद ही स्पष्ट हो जाएगा।