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MP News: मौसम के बिगड़े मिजाज ने ईद की तैयारियों पर फेरा पानी, बाजार से दूर खरीदार, नमाज को लेकर भी शिकन

Wed, 10 Apr 2024 07:05 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल में मौसम के बिगड़े मिजाज ने ईद की तैयारियों पर पानी फेर दिया। खरीदार बाजार नहीं पहुंच पाए और नमाज को लेकर भी शिकन रही।
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भोपाल में बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल में बेमौसम की बारिश ने चांद रात पर होने वाली बाजार की रौनक के रास्ते रोक दिए हैं। बुधवार दोपहर से जारी बारिश ने खरीदारों को घरों में कैद कर दिया है। साथ ही घंटों गुल रही बिजली ने घरों में होने वाली ईद की तैयारियों को भी रोके रखा। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, अब गुरुवार को होने वाली नमाज ए ईद को लेकर भी चिंता की लकीरें लहराने लगी हैं।

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गुरुवार को मनाए जाने वाले ईद के त्योहार के लिए लोग अपनी तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन बुधवार आधे दिन से ही आसमान ने बादलों की खेप जमीन पर बरसाना शुरू कर दी। नतीजा यह हुआ कि बाजार पहुंच चुके लोग वहीं कैद होकर रह गए तो खरीदारी के लिए बाजार का रुख करने को तैयार बैठे लोगों के कदम घरों में ही रुके रह गए। बेमौसम की बारिश के चलते पुराने शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली भी गुल रही, जिसके चलते लोग सैवेया, शीर खुरमा और बाकी पकवानों की तैयारियों को भी पूरा नहीं कर पाए।

पूरा महीना खरीदी, दौड़ चांद रात की
माह ए रमजान में पूरे समय  खरीदारों से सजे रहे बाजारों में चांद रात को खासी भीड़ उमड़ती है। ईद की बची तैयारियों को पूरा करने के अलावा इस खास रात को लोग बाजार की रौनक देखने भी पहुंचते हैं। लेकिन बदले मौसम में बाजारों को उचित तवज्जो मिलने की उम्मीदें कम ही नजर आ रही हैं।
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कैसे होगी नमाज
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम के हालात ऐसे ही बने रहने वाले हैं। इस स्थिति के चलते नमाज ए ईद को लेकर फिक्र उठने लगी हैं। ईद की नमाज ईदगाह में अदा करने का सभी में उत्साह होता है। लेकिन आमतौर पर सभी जगह ईदगाह बिना छत की होती हैं। इनमें बारिश या धूप से बचने के कोई इंतजाम नहीं होते हैं।

लगातार हो रही बारिश को गति यही रही तो नमाज ए खास में बड़ी बाधाएं आ सकती हैं। बरसते पानी में नए कपड़ों के साथ नमाज पढ़ना मुश्किल भरा तो होगा ही, वहीं बच्चों में इस दिन के लिए होने वाली खास खुशियों को भी ठेस पहुंचेगी। पिछले ऐसे अनुभवों के दौरान ईद की नमाज मुहल्ले की मस्जिदों में अदा की जाती रही है। लेकिन नमाजियों की बड़ी संख्या के चलते इन मस्जिदों में इंतजाम बौने साबित हो जाते हैं।

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