मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मानव भवन में आयोजित कार्यक्रम में
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मानव भवन में आयोजित तुलसी मानस प्रतिष्ठान के तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह में कहा कि गोस्वामी तुलसीदास न केवल रामायण के रचनाकार हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति और साहित्य के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस ने भारत को एक ऐसी काव्यधारा दी है जो धर्म, नीति, मर्यादा और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन करती है। तुलसीदासजी के विचार आज भी लोगों के जीवन को दिशा दे रहे हैं। वे युगों तक जन-जन के हृदय में जीवित रहेंगे।
गोविंददेव गिरि महाराज सम्मानित
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गुरु गोविंददेव गिरि जी महाराज को पद्मभूषण युगतुलसी पंडित रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया। सम्मान स्वरूप उन्हें अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और दो लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भोपाल में श्रीराम संग्रहालय की स्थापना के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि तुलसी मानस प्रतिष्ठान को दी जाएगी।
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सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बन रहे
डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार “विरासत से विकास” की भावना के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन स्थापित किए जा रहे हैं और राम वनगमन पथ के साथ-साथ श्रीकृष्ण की लीलास्थलियों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राजा भोज और विक्रमादित्य द्वार नामक दो ऐतिहासिक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं।
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श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों को शिक्षा से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत का राष्ट्रग्रंथ है। भगवान श्रीराम का चरित्र सम्पूर्ण भारतीय संस्कृति को समेटे हुए है। अयोध्या में 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद प्रभु श्रीराम का मंदिर बनना और उसमें रामलला का पुनः विराजना युग परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राममंदिर निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और नई शिक्षा नीति लागू कर श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के आदर्शों को शिक्षा से जोड़ा।
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भारत ने पूरी दुनिया को संस्कृति दी हैं
गुरु गोविंददेव गिरि जी महाराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संस्कृति दी है। भगवान श्रीराम का जीवन भारतीय जीवन मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने हमें वह मार्ग दिखाया है, जो समाज को जोड़ता है, प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम धर्म के अवतार हैं और उन्होंने मानवता के श्रेष्ठ मूल्यों को जीकर दिखाया।
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सनातन मूल्यों की रक्षा का कार्य राज्य सरकार कर रही
पंडित रामकिंकर उपाध्याय की शिष्या सुश्री मंदाकिनी दीदी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने संस्कृति और अध्यात्म के संरक्षण को जो प्राथमिकता दी है, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि रामकिंकर जी द्वारा स्थापित मानस भवन से पिछले पांच दशकों से श्रीरामकथा और प्रवचन की परंपरा निरंतर चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आज पश्चिमी संस्कृति की आंधी में सनातन मूल्यों की रक्षा का कार्य राज्य सरकार कर रही है।