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MP News: मेपकॉस्ट में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, नियमों के उल्लंघन पर वित्त अधिकारी ने उठाए सवाल

Wed, 20 Nov 2024 01:56 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

परिषद के वित्त अधिकारी ने शासन के दिशा-निर्देशों और भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने इसे आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में बताते हुए महानिदेशक को प्रस्ताव सौंपा है। सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में वित्त अधिकारी ने व्यवस्था को ठीक करने के लिए सुझाव भी दिए है।
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मैप कास्ट भोपाल - फोटो : social media
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विस्तार
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मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकॉस्ट) में वित्तीय अनियमितताओं  के लगातार मामले सामने आ रहे है। अब परिषद के वित्त अधिकारी केपी नागिया ने शासन के दिशा-निर्देशों और भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने इसे आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में बताते हुए महानिदेशक को प्रस्ताव सौंपा है। सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में वित्त अधिकारी ने व्यवस्था को ठीक करने के लिए सुझाव भी दिए है। हालांकि दो माह बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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जानकारी के अनुसार वित्त अधिकारी ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया कि योजनाओं के लिए प्राप्त अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित प्रयोजन के बजाय अन्य कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वित्त संहिता के अनुसार, अनुदान की राशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए, जिसके लिए वह दी गई हो। उन्होंने बताया कि परिषद में योजनावार व्यय का लेखा-जोखा नहीं रखा जाता। बैंक खाते में प्राप्त राशि का उपयोग कई बार किसी अन्य योजना के लिए कर लिया जाता है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि केंद्र सरकार और राज्य के विभिन्न विभागों से प्राप्त राशि का उपयोग प्रोजेक्ट गाइडलाइन के अनुसार होना चाहिए। लेकिन परिषद में यह नियम भी पूर्णतः पालन नहीं हो रहा है।

साइंस पार्क की राशि अन्य निर्माण और रेनोवेशन पर खर्च
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साइंस पार्क के लिए वित्तीय वर्ष 23-24 में आवंटित राशि लगभग 10 करोड़ को अन्य निर्माण कार्यों एवं रिनोवेशन में खर्च किया गया है। अब शासन की तरफ से इस राशि के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, लेकिन परिषद देने में आनाकानी कर रहा है। जानकारी के अनुसार यदि कैपिटल की राशि वित्तीय वर्ष 2023 -24 के अंत तक खर्च नहीं की गई है तो उसे या तो शासन के के-डिपॉजिट में रखना था या फिर इसे वित्त विभाग को सरेंडर कर देना चाहिए था परंतु लेखा कक्ष द्वारा इन दोनों में से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई  
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वित्तीय वर्ष 23-24 में निर्माण मद में राशि मिली जीरो
वित्त विभाग के दस्तावेजों के अनुसार परिषद को शासन से वित्तीय वर्ष 2023 -24 में निर्माण मद कोई राशि नहीं मिली है । इसके बावजूद डीजी के निर्देश पर  2 से 3 करोड़ की राशि निर्माण और रिनोवेशन के काम पर खर्च कर दी गई। इसमें डीजी के चेम्बर के रिनोवेशन में 30 लाख रुपए खर्च कर दिया गया है। इसके बावजूद उसकी छत से बरसात में पानी टपकता है। यहीं नहीं मैपकास्ट के करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य भी लघु उद्योग निगम के माध्यम से एक ही ठेकेदार को मिलना भी सवाल खड़े कर रहा है। 

डीजी ने साधी चुप्पी, नहीं दिया कोई जवाब 
इस मामले में मैपकास्ट के डीजी डॉ. अनिल कोठारी से उनका पक्ष जानने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 
 
आवंटित राशि का मद नहीं बदल सकते 
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की उप सचिव अजीजा सरशार जफर ने कहा कि किसी भी राशि का मद में बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसके तथ्य देखने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। 

शिकायत मिलने पर की जाएगी कार्रवाई 
वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है और उसकी हमें शिकायत मिलती है तो हम कार्रवाई करेंगे।
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