मध्य प्रदेश लोकायुक्त थाने की हवालात में 20 साल बाद कोई आरोपी रहेगा। दरअसल, 2004 के बाद से लोकायुक्त ने गिरफ्तार कर हवालत में रखना बंद कर दिया था। अब 20 साल बाद सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल लोकायुक्त की सलाखों में एक साथ रहेंगे। दरअसल, 2004 में लोकायुक्त पुलिस ने कमर्शियल टैक्स विभाग के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर आरके जैन को गिरफ्तार किया था, उनको लोकायुक्त थाने की हवालात में रखा गया था। आरके जैन ने हवालात में आत्महत्या कर ली थी।
डीएसपी समेत कई हुए थे सस्पेंड
आरके जैन की खुदकुशी के मामले में तत्कालीन लोकायुक्त डीएसपी समेत कई पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था और उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई थी। उस समय प्रदेश में उमा भारती की सरकार थी। इस घटना से सरकार की किरकिरी हुई थी। इसके बाद लोकायुक्त ने गिरफ्तार कर हवालत में रखना बंद कर दिया था। अब 20 साल बाद सौरभ और उसके दो साथियों को लोकायुक्त की हवालत में रखा जाएगा। सौरभ शर्मा और उसके दो साथियों को लॉकअप में रखने के रखने के सवाल पर लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर ने कहा कि हमने तीनों को कड़ी सुरक्षा के साथ रखा है।