न्यू ईयर के दौरान मध्यप्रदेश में सड़क हादसों और अटैक के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई। 31 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक 319 सड़क दुर्घटनाएं और 83 अटैक/ट्रॉमा केस दर्ज किए गए। वहीं 1 जनवरी 2026 को रात 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक 103 एक्सीडेंट और 29 अटैक केस सामने आए।
नववर्ष के जश्न के दौरान मध्यप्रदेश में सड़क हादसों और आपसी हमलों के मामलों में तेज उछाल देखने को मिला। 108 एंबुलेंस सेवा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक राज्यभर में 319 मेजर सड़क दुर्घटनाएं और 83 अटैक/असॉल्ट/ट्रॉमा केस सामने आए। इसके मुकाबले 1 जनवरी 2026 को रात 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 103 रही, जबकि अटैक व ट्रॉमा के 29 मामले दर्ज किए गए।
विज्ञापन
भोपाल, इंदौर में ज्यादा हादसे
आंकड़े बताते हैं कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान रात का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील रहा। भोपाल, इंदौर, सागर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन और खंडवा जैसे जिलों में हादसों की संख्या अधिक दर्ज की गई। 108 एंबुलेंस सेवा ने दोनों ही समयावधि में गंभीर घायलों और पीड़ितों को मौके पर प्राथमिक उपचार देकर समय पर अस्पताल पहुंचाया।
हादसों के प्रमुख कारण
- हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना
- तेज रफ्तार और लापरवाही
- नशे की हालत में वाहन चलाना
- ट्रैफिक नियमों की अनदेखी
- आपसी विवाद और मारपीट के मामले
इमरजेंसी में जनता की सेवा के लिए तत्पर
108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि हमारी संस्था और एंबुलेंस कर्मचारी पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ हर प्रकार की इमरजेंसी में जनता की सेवा के लिए तत्पर हैं। एक्सीडेंट मामलों में यह सामने आया है कि हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने से मामूली दुर्घटना भी गंभीर रूप ले लेती है। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि नियमों का पालन करें और आपात स्थिति में निजी वाहन की बजाय एंबुलेंस का उपयोग करें, जहां जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद होता है।