राजधानी भोपाल के एक निजी कॉलेज बीएसएस में आयोजित किए जा रहे हेलोवीन सेलिब्रेशन का विरोध किया गया है ।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने इसे भारतीय संस्कृति और संस्कारों के विपरीत बताते हुए कॉलेज प्रशासन से ऐसे कार्यक्रमों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इधर विरोध के बाद कॉलेज प्रशासन ने कार्यक्रम को निरस्त करने का निर्णय लिया है।
हेलोवीन भारतीय संस्कृति के खिलाफ
अभाविप के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी करते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा भूत-प्रेत और राक्षसों के वेश में सजकर नृत्य करना भारत की संस्कृति, सभ्यता और शैक्षणिक गरिमा के विपरीत है। परिषद का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल शैक्षणिक वातावरण को दूषित करते हैं, बल्कि युवाओं में पाश्चात्य संस्कृति की अंधी नकल को भी बढ़ावा देते हैं। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हेलोवीन जैसे अंधकारमय और असंस्कारी कार्यक्रम हमारे सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के विरुद्ध हैं। कॉलेजों को ऐसे आयोजनों की जगह भारतीय परंपरा और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए।
अभाविप ने रखीं दो प्रमुख मांगें
1. भविष्य में कॉलेज परिसर में हेलोवीन या किसी भी असंस्कारी एवं पाश्चात्य संस्कृति प्रेरित कार्यक्रम को अनुमति न दी जाए।
2. कॉलेज में ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहन दिया जाए जो विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ें।
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कॉलेज प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द किया
अभाविप के विरोध और मांगों के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए हेलोवीन सेलिब्रेशन कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। प्रशासन ने परिषद को आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों की पुनरावृत्ति नहीं होगी, और कॉलेज में संस्कृति-संवेदनशील कार्यक्रमों को ही अनुमति दी जाएगी।
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कैंपस में पाश्चात्य आयोजनों पर फिर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद भोपाल के कॉलेज परिसरों में पाश्चात्य त्यौहारों के आयोजन को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जहां अभाविप जैसे संगठन इसे संस्कृति विरोधी बताते हैं, वहीं कुछ विद्यार्थी इसे सिर्फ मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखते हैं। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन के कदम से मामला शांत हो गया है।