प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों को पढ़ाई के साथ प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए प्रशिक्षुता प्रशिक्षण मंडल (पश्चिमी क्षेत्र), मुंबई के साथ समझौता किया जाएगा। इसका उद्देश्य महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव दिलाकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
भोपाल। प्रदेश में पढ़ रहे छात्रों को पढ़ाई के साथ ही नौकरी का व्यावहारिक अनुभव दिलाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विभाग बुधवार को बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र, मुंबई) के साथ समझौता करेगा। यह कार्यक्रम सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित होगा।
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क्या होगा इस समझौते से?
इस पहल का मकसद महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को सीधे प्रशिक्षण से जोड़ना है। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें उद्योगों और संस्थानों में काम सीखने का मौका मिलेगा। इससे किताबों की पढ़ाई के साथ-साथ काम का अनुभव भी मिलेगा। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी, 85 महाविद्यालयों और 8 विश्वविद्यालयों के प्राचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा और इससे हजारों छात्रों को भविष्य में लाभ मिलेगा।
छात्रों को क्या फायदा?
पढ़ाई के साथ काम सीखने का अवसर
उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास
पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी पाने में आसानी
युवाओं की रोजगार क्षमता में बढ़ोतरी