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MP News: भोपाल-इंदौर हाईवे पर बनेगा भव्य विक्रमादित्य द्वार, सीएम ने फंदा का नाम हरिहर नगर करने की घोषणा

Sat, 13 Dec 2025 05:54 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल–इंदौर स्टेट हाईवे पर सम्राट विक्रमादित्य के नाम से भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जिसका मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन किया। इसी मौके पर उन्होंने फंदा क्षेत्र का नाम बदलकर हरिहर नगर करने और समाज में सादगी अपनाने की अपील की।

 

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सीएम डॉ. मोहन यादव, मंत्री चैतन्य कश्यप, विधायक रामेश्वर शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल–इंदौर स्टेट हाईवे पर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फंदा क्षेत्र में प्रस्तावित द्वार का विधिवत भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भोपाल क्षेत्र आने वाले समय में विरासत और विकास का श्रेष्ठ उदाहरण बनेगा। राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आधुनिक शहरी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री शनिवार को भोपाल-सीहोर मार्ग पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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इसके साथ ही प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत भोपाल में अत्याधुनिक ई-बस डिपो के निर्माण का भी भूमि-पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर जहां विक्रमादित्य द्वार के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली विरासत को सम्मान दिया जा रहा है, वहीं ई-बस डिपो के माध्यम से राजधानी को स्वच्छ, सुलभ और प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के विकास और सेवा को समर्पित दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और यह दिन प्रदेश तथा भोपाल के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि राजधानी भोपाल में कुल 9 भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं, जिनका नाम राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे महान व्यक्तित्वों के नाम पर रखा जाएगा। यह द्वार मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक शहर विकास से जोड़ने का प्रतीक होंगे।

भोपाल-सीहोर रोड पर बनने वाले प्रवेश  द्वार का नाम विक्रमादित्य रखा जाएगा। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फंदा क्षेत्र का नाम बदलकर हरिहर नगर करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने सामाजिक कुरीतियों पर खुलकर बात करते हुए कहा कि मृत्यु भोज और शादियों में अनावश्यक खर्च समाज को कमजोर करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दिखावे के लिए कर्ज न लें और अपनी पुश्तैनी जमीन को सुरक्षित रखें।

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बोलने से नहीं, करके दिखाने से बदलता है समाज 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ–सबका विकास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज सुधार केवल भाषणों से नहीं, बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करने से होता है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र अभिमन्यु और बहू डॉ. इशिता की विवाह रस्में 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न हुई थीं। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने वैदिक मंत्रोच्चार कराया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस सम्मेलन में हर वर्ग के नवदंपति शामिल थे, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक है।

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शादी और मृत्यु संस्कार में फिजूलखर्ची से बचने की अपील
फंदा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी परिवार में मृत्यु होने पर बड़े खर्च की परंपरा गलत है। कई बार गरीब परिवार दिखावे के दबाव में जमीन गिरवी रख देता है या कर्ज में डूब जाता है। उन्होंने कहा कि यह जमीन बुजुर्गों की अमानत होती है, इसे बचाना जरूरी है। उन्होंने विवाह समारोहों को लेकर भी सादगी अपनाने की सलाह दी और सामूहिक विवाह को सामाजिक रूप से उपयोगी बताया। प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप का उदाहरण देते हुए कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद उन्होंने भी सीमित लोगों के बीच विवाह आयोजन किया।

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कांग्रेस पर निशाना, लाड़ली बहना योजना का किया बचाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर माह बहनों को सम्मान राशि देकर सरकार रक्षाबंधन जैसा पर्व मना रही है, लेकिन विपक्ष को यह रास नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि आगामी चुनावों में ऐसी सोच रखने वालो को जवाब दें। 

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शिक्षा और विकास पर खर्च को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि दिखावे की बजाय बच्चों की शिक्षा और जरूरतमंदों की मदद पर धन खर्च करें। उन्होंने बताया कि भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसी तरह इंदौर के आसपास धार, उज्जैन, देवास और शाजापुर को जोड़कर एक बड़े शहरी क्लस्टर की योजना तैयार की जा रही है।

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5 करोड़ की लागत से बनेगा विक्रमादित्य द्वार
भोपाल के पास इंदौर की तरफ से आते समय यह सम्राट विक्रमादित्य की भव्य प्रतिमा वाले द्वार से प्रवेश करना होगा। करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह द्वार 24.4 फीट ऊंचा होगा। सिक्सलेन सड़क पर तीन पिलरों पर बनने वाले इस द्वार की कुल चौड़ाई 30 मीटर होगी, जिसमें 5 मीटर का हरित सेंट्रल वर्ज भी शामिल रहेगा। यह भारतीय स्थापत्य कला का आकर्षक उदाहरण होगा।
  
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