कुनो-चंबल क्षेत्र में तेंदुओं के अवैध शिकार और तस्करी के मामले में मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को बड़ी सफलता मिली है। विशेष अभियान के तहत संगठित गिरोह के मुख्य आरोपी को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी की पहचान वसीम अकरम के रूप में हुई है, जो नई दिल्ली के उत्तम नगर का निवासी है और एक वन्यजीव संरक्षण संस्था में कार्यरत बताया जा रहा है। इससे पहले जांच एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस के एक बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार किया था, जिस पर अंतरराज्यीय शिकार और वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। बर्खास्त सिपाही की पहचान भगवान सिंह उर्फ सलीम के रूप में हुई है, जो दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिजवासन इलाके का रहने वाला है। इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के निर्देश पर अंतरराज्यीय शिकार और तस्करी गिरोह के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसटीएसएफ और केंद्र सरकार के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की संयुक्त टीम ने 11 अगस्त को दिल्ली में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वसीम को गिरफ्तार किया।
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आगरा में 10 खालों के साथ पकड़े गए थे तस्कर
यह मामला 23 जुलाई 2026 को सामने आया था, जब उत्तर प्रदेश के आगरा में 10 तेंदुओं की खाल के साथ तस्करों को पकड़ा गया था। जांच के दौरान इस पूरे मामले के तार मध्य प्रदेश से जुड़े मिले। इसके बाद एसटीएसएफ और स्थानीय वन विभाग की टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। जांच के दौरान पहले आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी निशानदेही पर श्योपुर और मुरैना जिलों से तेंदुओं के अवशेष, कंकाल और शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले तीन विशेष प्रकार के फंदे (लेग होल्ड ट्रैप) बरामद किए गए। सभी आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं।
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10 तेंदुओं के शिकार की बात मानी
पूछताछ में आरोपियों ने 10 तेंदुओं के शिकार की बात स्वीकार की है। जांच में सामने आया है कि इनमें से छह तेंदुओं का शिकार कुनो वन्यजीव वनमंडल में किया गया था। इसके अलावा दो तेंदुओं का शिकार श्योपुर वनमंडल और दो का शिकार मुरैना के चंबल अभयारण्य क्षेत्र में किया गया था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कूनो का पूरा क्षेत्र चीता लैंडस्केप का हिस्सा है। इसलिए मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए जांच की जा रही है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी से पूछताछ के लिए उसे विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा और वन विभाग रिमांड की मांग करेगा। एसटीएसएफ का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।