मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरतने के चलते कंपनी कार्यक्षेत्र के विभिन्न जिलों में आउटसोर्स एजेंसी से कार्यरत 37 कर्मचारियों को सेवा से पृथक करते हुए उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया है। अब ये कर्मचारी कंपनी के कार्यक्षेत्र के किसी भी बिजली कार्यालय में कार्य नहीं कर सकेंगे।
कंपनी द्वारा ब्लैक लिस्ट किए गए 37 आउटसोर्स कर्मचारी भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, मुरैना और श्योपुर जिलों में कार्यरत थे। भोपाल वृत्त में 7, भोपाल ग्रामीण में 3, नर्मदापुरम में 3, रायसेन में 6, राजगढ़ में 2, सीहोर में 8, विदिशा में 3, मुरैना में 2, श्योपुर में 1 और शिवपुरी वृत्त में 2 आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें लापरवाही और अनियमितता के कारण सेवा से पृथक किया गया है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया कि कंपनी में कार्य में पारदर्शिता, लगन, निष्ठा और उपभोक्ता सेवाओं में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी में जीरो टोलरेंस की नीति लागू की गई है। सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी की उत्तरोत्तर तरक्की के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।