मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार की अब तक की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 20 जिलों में फसल प्रभावित हुई है। प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक 51 तहसीलों के 520 ग्रामों में 38 हजार 900 कृषकों की 33 हजार 758 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नुकसान की समीक्षा बैठक की। जिसमें अधिकारियों को 25 मार्च तक सर्वे पूरा करने को कहा है।
खेतों में 60 से 90 प्रतिशत फसल को नुकसान
सरकार के प्रारंभिक सर्वे में 51 तहसीलों में नुकसान की बात कही जा रही है। हालांकि जिलों से मिली जानकारी के अनुसार 25 मार्च तक पूरा होने वाले सर्वे में आकड़ा दोगुना से ज्यादा बढ़ सकता है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से किसानों की 60 से 90 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हुई है। प्रदेश के 12 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 22 लोगों की मृत्यु हुई हैं।
इन जिलों में ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित
प्रदेश के 20 जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान हुआ। 17 और 18 मार्च को नर्मदापुरम, शहडोल, जबलपुर, चंबल, उज्जैन, सागर, इंदौर, ग्वालियर, रीवा और भोपाल संभाग के जिलों में बारिश हुई। 19 मार्च को मंडला, बालाघाट, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, सिवनी और शहडोल जिलों में तेज हवा, ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई।
सीएम बोले- सरकार किसानों के साथ खड़ी है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओलावृष्टि से निर्मित संकट में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों में सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया गया है। एक सप्ताह में सर्वे कार्य पूर्ण कर किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वे के लिए राजस्व, कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के संयुक्त दल गठित किए गए हैं। सर्वे में कोई लापरवाही न हो, सर्वे ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ हो और प्रत्येक प्रभावित किसान को राहत मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी किसान का खेत सर्वे से न छूटे। पशु हानि की भी सूचना आई है। जिसकी भरपाई भी सरकार करेंगी।
फसल बीमा का लाभ भी मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वे के साथ ही प्रभावित किसानों और उन्हें हुए नुकसान की सूची पंचायतों में चस्पां की जाए। किसानों की ओर से प्राप्त आपत्तियों का निराकरण कर पूरी संवेदना और पारदर्शिता के साथ नुकसान का आंकलन किया जाए। किसानों को राहत राशि के साथ अद्यतन तकनीक से किए गए क्रॉप कटिंग एक्सपरिमेंट के आधार पर फसल बीमा योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को समय रहते नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे के समानांतर ही फसल बीमा योजना के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। इससे आरबीसी 6-4 में दी जाने वाली तात्कालिक राहत की राशि और फसल बीमा योजना का सहारा किसानों को मिल सकेगा। फसलों के नुकसान के अलावा पशुहानि के लिए बढ़ी हुई राशि के अनुरूप राहत प्रदान की जाएगी।
कमलनाथ ने राहत राशि तुरंत बांटने लिखा पत्र
पूर्व सीएम कमलनाथ ने सीएम शिवराज को पत्र लिखकर ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान के लिए तुरंत राहत राशि बांटने की मांग की है। साथ ही किसानों से बिजली के बकाया बिलों और फसल ऋण की वसूली तुरंत रोक लगाने की मांग की है। प्रदेश के मालवा निमाड़ बुंदेलखंड महाकौशल एवं नर्मदा पुरम के अनेक जिलों में प्राकृतिक आपदा घटित हुई है। पिछले 15 दिन से सरकार सिर्फ सर्वे कराने की बात कह रही है। अब तक एक भी किसान को नहीं मिली राहत राशि। रबी की गेहूं, जौ,चना, मटर, सरसों, अलसी, धनिया, ईसबगोल आदि की फसलें या तो खेत में खड़ी थी या थ्रेसिंग के लिए खेत में कटी रखी थी। यह फसलें ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से खराब हो गई हैं।