भोपाल के सतपुड़ा भवन आगजनी की घटना
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सतपुड़ा भवन में लगी आग की जांच रिपोर्ट समिति ने सोमवार को राज्य शासन को सौंप दी है। समिति ने 287 पेज की जांच रिपोर्ट आग की घटना लगने में किसी साजिश से इंकार किया है। हालांकि जांच रिपोर्ट में लापरवाही का खुलासा है। इस अग्निकांड में 24 करोड़ रुपए के नुकसान का प्रारंभिक आंकलन लगाया गया है।
गृह विभाग के एसीएस राजेश राजौरा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समिति का गठन किया था। समिति ने फॉरेंसिंग रिपोर्ट नहीं मिलने से शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाई थी। सोमवार को पेश रिपोर्ट में तीन स्थलों का निरीक्षण, 32 लोगों के बयान, राज्य स्तरीय फोरेंसिक साइंस लैब, सागर की जांच रिपोर्ट, चीफ इलेक्ट्रिसिटी इंस्पेक्टर और उनके जांच जांच दल की तकनीकी रिपोर्ट, नुकसान के आकलन के लिए बनी पीडब्ल्यूडी की दो उप समितियों के प्रतिवेदन को शामिल करते हुए 287 पेज की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी है। समिति 15 दिन बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करेगी।
रिपोर्ट में साजिश से इंकार
सतपुड़ा भवन की पश्चिमी विंग में तीसरे फ्लोपर 12 जून को लगी आग अनुसूचित जनजाति क्षेत्रीय विकास योजना के सहायक आयुक्त वीरेंद्र सिंह के कक्ष में शार्ट सर्किट होने से लगना बताया है। राज्य न्यायालयीन विज्ञान प्रयोगशाला सागर ने ने निष्कर्ष दिया है कि सिंह के कमरे में एल्युमिनियम धातु से बना विद्युत तार तथा एमसीबी (मिनियेचर सरकिट ब्रेकर) के जले अधजले भाग एवं कॉपर जैसी धातु के मल्टी स्ट्रेण्डस विद्युत तार में शार्ट सर्किट से उत्पन्न होने वाले आंतरिक ताप के प्रभाव विद्यमान है। जांच समिति ने रिपोर्ट में आग लगने की किसी भी साजिश से इंकार किया है। समिति का मानना है कि जानबूझकर अथवा शरासत के रूप में इस घटना को घटित करने में किसी भी व्यक्ति की संदिग्ध भूमिका परिलक्षित नहीं होती है। इसमें 24 करोड़ रुपए का प्रारंभिक नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।
लकड़ी के फ्रेम पर लगाया एसी का पावर सिस्टम
रिपोर्ट में आग की घटना में लापरवाही की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट में मुख्य विद्युत निरीक्षक मध्य प्रदेश एवं विद्युत सुरक्षा के 6 अधिकारियों के संयुक्त दल के निष्कर्ष के अनुसार बताया गया कि सिस्टम में अर्थ फॉल्ट/ अर्थ लीकेज के प्रोटेक्शन के लिए कहीं भी व्यवस्था नहीं की गई। लकड़ी के फ्रेम पर प्लाई वुड को फ्रेम किया गया एवं उस पर एसी का टॉप एवं बॉटम पावर प्लग को स्थापित किया गया। बार-बार उपयोग होने से लूज वायरिंग/लूंज कनेक्शन से टॉप-बॉटम की वायरिंग में स्पार्किंग होती रही एवं शार्ट सर्किट हुआ। जिससे आग की चिंगारी से सोफा में आग लगी।
रिपोर्ट अनुसार-बंद एसी में शॉर्ट सर्किट की संभावना रहती है
जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि मुख्य विद्युत निरीक्ष्क के सात सदस्यीय टीम द्वारा प्रतिवेदन में लेख किया गया है कि सामान्य रूप से एसी को रिमोट से संचालित किया जाता है। ऐसेी स्थिति में विद्युत प्रवाह स्विच/ प्लग से रहता है। तार/वायरिंग के लूज रहने पर धीरे-धीरे लूज वायरिंग में फेज से न्यूट्रल में लीकेज/ स्पार्क से करेंट बहता रहता है। एवं उसमें शॉर्ट सर्किट होने की संभावना रहती है। ऐसे में एसी बंद रहने पर भी भी चिंगारी की संभवना बनी रहती है। जबकि एसी रिमोर्ट से से ऑपरेट किए जाने की स्थिति में रहे।