नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लगभग 800 वर्गफीट के एक मकान में 108 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए, जबकि मौके पर केवल चार लोग ही रहते मिले। कांग्रेस ने इसे मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी बताया है।
भोपाल के नरेला विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। रतन कॉलोनी में 800 वर्गफीट के एक छोटे से मकान में 108 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने इसे वोट चोरी की सुनियोजित कोशिश बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। BLO धनिशा कुशवाहा ने मौके पर स्वीकार किया कि घर में सिर्फ 4 लोग रहते हैं और 108 नाम दर्ज होना गलत है। इधर, मामले पर कार्रवाई की बात करते हुए SDM एवं SIR अधिकारी भुवन गुप्ता ने कहा कि शिकायत मिलते ही तहसीलदार को तत्काल जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
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अल्पसंख्यक बस्ती में फॉर्म वितरण पर भी विवाद
कांग्रेस का आरोप है कि अल्पसंख्यक इलाकों में मतदाताओं को दो की जगह केवल एक सर्वे फॉर्म दिया जा रहा है। बूथ क्रमांक 15 की BLO अंजू मंडराई BJP कार्यालय के पास बैठकर फॉर्म बांटती मिलीं, जिस पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। मनोज शुक्ला का दावा है कि अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटाए जा रहे हैं, यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ है।
ECI से हाई-लेवल जांच की मांग
मनोज शुक्ला ने जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग से भी टीम भेजकर जांच करवाने की मांग की है।