अपने मॉडल की जानकारी देता विद्यार्थी
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भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित आरआईई परिसर में मंगलवार को शुरू हुई 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण बना उत्तर प्रदेश के छात्र उत्कर्ष वर्मा का वाइल्ड एनिमल एंड ह्यूमन सेफ्टी एआई मॉडल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उद्घाटन के बाद जब यह मॉडल प्रदर्शनी में सामने आया तो विशेषज्ञों से लेकर छात्रों तक सभी उसकी तकनीक देखकर हैरान रह गए। उत्कर्ष ने ऐसा मॉडल तैयार किया है जो जंगल, खेत और गांवों में घूमते जंगली जानवरों को पहचानकर सुरक्षित तरीके से काबू कर लेता है।
ऐसे काम करता है मॉडल
उत्कर्ष ने बताया कि सिर्फ 5,500 रुपये में बने इस मॉडल में डीएनए सेंसर,वाईफाई कैमरा,ट्रैंक्विलाइज़र गन, फायरगन,सोलर पैनल जैसी तकनीकें शामिल हैं। ड्रोन पहले जानवर की पहचान करता है, फिर जानकारी रोबोट तक जाती है और रोबोट करंट प्रवाहित बाड़ और ट्रैंक्विलाइज़र की मदद से जानवर को काबू कर लेता है। ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों से सुरक्षा की बड़ी समस्या को देखते हुए यह मॉडल प्रदर्शनी का सबसे चर्चित इनोवेशन बन गया।
फ्यूचरिस्टिक फार्म बना सेंटर ऑफ अट्रैक्शन
उत्कर्ष के मॉडल के बाद जिस प्रोजेक्ट ने दर्शकों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह था पंजाब के कर्मवीर का फ्यूचरिस्टिक फार्म। यह ऐसा क्लाइमेट कंट्रोल्ड सिस्टम है जिसमें किसान सर्दियों की सब्जियां गर्मियों में और गर्मियों की सब्जियां सर्दियों में उगा सकते हैं। लगभग 40-45 लाख रुपये प्रति एकड़ की लागत वाले इस मॉडल को खेती का भविष्य बताया जा रहा है। यह कोल्ड स्टोरेज की जरूरत कम कर देगा और सालभर ताज़ी सब्जियां उपलब्ध करा सकेगा।
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राजस्थान का वॉटर टैंक नेट सिस्टम बना सुरक्षा का नया आइडिया
राजस्थान के छात्र शिवकुमार ने बच्चों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए एक ऐसा सिस्टम बनाया, जो टैंकों में बच्चों के गिरने की घटनाओं को रोक सकता है। सेंसर किसी के गिरने का पता लगाते ही जाली तुरंत ऊपर आ जाती है और मोबाइल पर अलर्ट भेज देती है। इस मॉडल की मांग की जा रही है कि इसे सरकारी स्तर पर घरों में अनिवार्य किया जाए।
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आंध्र प्रदेश की सुदीक्षा का रोबोट ट्रॉली मॉडल वृद्धों के लिए बनी सहारा
आंध्र प्रदेश की छात्रा सुदीक्षा ने अपने दादा-दादी की परेशानी से सीखकर ऐसा रोबोट बनाया है जो 30 किलो तक का वजन ले सकता है और मोबाइल से नियंत्रण में रहता है।यह वृद्ध और दिव्यांग लोगों के लिए बड़ी सहायता साबित हो सकता है।