उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिवर्ज के खितौली और पतौर रेंज में 10 हाथियों की 72 घंटे में मौत हो गई थी। इन हाथियों का विसरा जांच के लिए भेजा गया था। इसकी मंगलवार को रिपोर्ट आ गई। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि केंद्रीय प्रयोगशाला आईवीआरआई (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) बरेली से मिली रिपोर्ट के अनुसार, हाथियों के शरीर में साइक्लोपियाजोनिक एसिड की विषाक्तता पाई गई है। नमूनों में पाए गए साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड की विषाक्तता की वास्तविक गणना और आगे की जा रही है।
आइवीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार नाइट्रेट-नाइट्राइट, भारी धातुओं के साथ-साथ ऑर्गनों-फॉस्फेट ऑर्गनो-क्लोरीन, पाइरेथ्रोइड और कीटनाशकों के कार्बामेट समूह की उपस्थिति विसरा में नकारात्मक पाई गई है। कृष्णमूर्ति ने बताया कि आईवीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में आसपास के क्षेत्रों में ध्यान रखने के लिए एडवायजरी भी जारी की है, जिसमें ग्रामीणों में जागरूकता, खराब फसल को मवेशियों नहीं चराने और अन्य सावधानियों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग इन निर्देशों को सख्ती से लागू करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।