शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम इस वर्ष ऐतिहासिक रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार का परिणाम बच्चों की मेहनत, शिक्षकों और माता-पिता के समर्पण और सरकार द्वारा दी गई बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का परिणाम है। उदय प्रताप सिंह ने कहा कि वह परिणाम से पूरी तरह संतुष्ट है। नकल और पेपर लीक जैसी सामाजिक बुराइयों को जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा रहा है। इस बार पिछले 15 वर्षों का परीक्षा रिकॉर्ड टूटा है।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा व्यवस्था को धरातल पर उतारा गया है। उन्होंने कहा कि सिंगरौली की एक छात्रा ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। पिछली बार की तुलना में इस बार 10वीं और 12वीं दोनों में 10% से अधिक बेहतर परिणाम आए हैं।
शिक्षकों की तैनाती को लेकर मंत्री ने कहा कि अतिशेष शिक्षकों को उन क्षेत्रों में भेजा गया, जहां उनकी वास्तव में जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को बेहतर एकेडमिक सपोर्ट देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मंत्री ने अंत में कहा कि यह परिणाम किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे तंत्र के समन्वित प्रयासों का नतीजा है-जिसमें छात्र, अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन सभी की भूमिका अहम रही है। मंत्री ने कहा कि इस बार सरकार बच्चों को एक और मौका जून में दे रही है। इसमें फेल होने वाले बच्चे और जो बच्चे अपना रिजल्ट सुधारना चाहते है वह शामिल हो सकते हैं।