मध्यप्रदेश में गर्मी ज्यादा असर नहीं डाल पा रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बादल छाने से तापमान में बदलाव जारी है। कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। वहीं प्रदेश के 9 जिलों में मौसम विभाग ने हल्की बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। अलग–अलग स्थानों पर बने चार वेदर सिस्टम के असर से वातावरण में एक बार फिर नमी बढ़ने लगी है। इसके चलते मध्य प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल छाने लगे हैं। इसके असर से गर्मी से राहत है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। अधिकतम तापमान नर्मदापुरम संभाग के जिलों में काफी गिरे। भोपाल, शहडोल, ग्वालियर संभागों के जिलों में सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कह रहा है कि नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तथा राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने यलो अलर्ट भी जारी किया है, जिसके मुताबिक नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तथा राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा जिलों में कहीं-कहीं वज्रपात की आशंका है।
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव बना रहा। दिन का तापमान 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं रात का पारा भी 26 डिग्री के नजदीक पहुंच गया है।
प्रदेश के पांच सबसे गर्म शहर
| शहर |
अधिकतम तापमान |
बीते 24 घंटें में अंतर |
| खजुराहो |
42 |
(+0.2) |
| राजगढ़ |
41.4 |
(-0.4) |
| दतिया |
40.6 |
(-0.6) |
| दमोह |
40.6 |
(-1.2) |
| सतना |
40.6 |
(0) |
प्रदेश में सबसे गर्म रात वाले शहर
| शहर |
न्यूनतम तापमान |
बीते 24 घंटें में अंतर |
| नर्मदापुरम |
25.5 |
(-0.1) |
| छिंदवाड़ा |
24.6 |
(+2.3) |
| सीधी |
24 |
(-0.4) |
| रायसेन |
24 |
(-1.6) |
| दमोह |
24 |
(-0.5) |
प्रदेश के बड़े शहरों का हाल
| शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
| इंदौर |
37.7 |
23.2 |
| भोपाल |
39.1 |
22.6 |
| ग्वालियर |
40.3 |
19.8 |
| जबलपुर |
38.7 |
20.9 |
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अलग–अलग स्थानों पर बने चार वेदर सिस्टम के असर से वातावरण में एक बार फिर नमी बढ़ने लगी है। अफगानिस्तान के पास एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में बना हुआ है। राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात अभी भी मौजूद है। हालांकि यह मौसम प्रणाली कुछ कमजोर पड़ गई है। छत्तीसगढ़ से लेकर तेलंगाना होते हुए कर्नाटक तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बन गया है। इसके चलते मध्य प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल छाने लगे हैं। बादल बने रहने के कारण शनिवार को अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। मौसम का इस तरह का मिजाज अभी दो-तीन दिन तक बना रह सकता है।