भोपाल में बने स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम मशीनों की सुरक्षा थ्री लेयर सिक्योरिटी द्वारा की जा रही है, लेकिन एजेंटों के कार्ड नहीं बनने की वजह से वे 24 घंटे निगरानी नहीं कर पा रहे हैं।
भोपाल लोकसभा सीट पर 7 मई को वोटिंग हो गई है। ईवीएम को पुरानी जेल में बने स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। ईवीएम थ्री लेयर सिक्योरिटी में रखी गई हैं, लेकिन चार दिन का समय बीत गया है। पार्टियों के एजेंट अभी तक 24 घंटे निगरानी करते नहीं दिख रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अभी तक एजेंटों के कार्ड नहीं बन पाए थे, शुक्रवार को कुछ लोगों के कार्ड दिए गए हैं। अब वे शनिवार से 24 घंटे वहीं रहकर निगरानी करने की बात कह रहे हैं।
24 घंटे 200 जवान तैनात
कैम्पस में 24 घंटे 200 से ज्यादा जवान तैनात हैं। वहीं, स्ट्रॉन्ग रूम और कैम्पस की निगरानी के लिए 18 सीसीटीवी लगे हैं। बिना अनुमति परिंदा भी पर नहीं मान सकता। मुख्य गेट पर शिफ्ट वाइज एक इंस्पेक्टर, दो एसआई समेत 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, जबकि अंदर पैरामिलिट्री फोर्स यानी सीआईएसएफ के जवान हैं। बाहर डीएसपी लेवल के अधिकारी की ड्यूटी भी रहती है।
कलेक्टर को करनी पड़ती है एंट्री
उप निर्वाचन अधिकारी दीपक पांडे ने बताया कि 18 सीसीटीवी लगाए गए हैं, जो स्ट्रॉन्म रूम समेत पूरे कैम्पस पर नजर रखे हैं। कलेक्टर हो या अन्य जिम्मेदार अधिकारी, सभी को पहले गेट पर एंट्री करना पड़ती है। इसके बाद ही वे अंदर जा सकते हैं।
चार जून को होगी काउंटिंग
पुरानी जेल में ही स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है। यहीं पर 4 जून को काउंटिंग होगी। 22 कैंडिडेट्स की किस्मत का फैसला होगा। भोपाल की सभी विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, हुजूर, नरेला, गोविंदपुरा, भोपाल मध्य, भोपाल उत्तर और भोपाल दक्षिण-पश्चिम की अलग-अलग ईवीएम रखी गई है।
एजेंटों के लिए लाइव फीड सुविधा
सभी कैंडिडेट्स के एजेंट के लिए टेंट लगाया गया है, जो स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर लगे सीसीटीवी की लाइव फीड ले रहे हैं। इसके लिए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है। कुछ में जेल की लाइव फीड मिल रही है।