स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम करने से पटवारियों के इनकार के बीच सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे पटवारियों से सरकार के आदेश के अनुसार रजिस्ट्री का काम कराएं। आदेश का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को भेजे निर्देश में कहा है कि स्वामित्व योजना के तहत गुरुवार से शनिवार तक रजिस्ट्री का काम कराया जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि तय अवधि में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुधवार तक संबंधित अधिकारियों द्वारा काम शुरू नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई की जा सकती है। इससे लंबे समय से रजिस्ट्री के काम को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच प्रशासन के सख्त रुख के संकेत मिले हैं।
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बैठकों के बाद भी पटवारी रजिस्ट्री के लिए तैयार नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 सितंबर को इंदौर में स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। हालांकि, इसके बाद भी पटवारियों ने रजिस्ट्री का काम शुरू नहीं किया। सरकार के प्रतिनिधियों और राजस्व अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इसके बावजूद पटवारी रजिस्ट्री का काम करने के फैसले पर सहमत नहीं हुए। अब सरकार ने कलेक्टरों को कार्रवाई के निर्देश देकर मामले में सख्ती बढ़ा दी है।
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राजस्व विभाग रहेगा नोडल एजेंसी
प्रमुख सचिव राजस्व की ओर से जारी निर्देश में स्वामित्व योजना के काम की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। योजना के लिए राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। विभाग योजना के समन्वय, क्रियान्वयन और निगरानी का काम करेगा। रजिस्ट्री प्रक्रिया में समन्वय की जिम्मेदारी वाणिज्यिक कर विभाग को दी गई है। वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को काम में सहयोग करेगा। सरकार ने पटवारियों को उनके पद के अनुरूप मैदानी स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। जिलों में पूरी योजना के संचालन की जिम्मेदारी कलेक्टरों की रहेगी। अपर कलेक्टर, नोडल अधिकारी और तहसीलदारों को संपदा ऐप के माध्यम से अधिकार अभिलेखों के आधार पर तैयार दस्तावेजों का पंजीयन करने की जिम्मेदारी दी गई है।