भोपाल मे अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन
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प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने वाले अतिथि शिक्षकों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। एक दिन पहले राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। राजधानी के आंबेडकर मैदान में नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे रात को पुलिस की जमकर झड़प हो गई। अतिथि शिक्षक मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ना चाहते थे तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए। इस पर अतिथि शिक्षक सड़कों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया। अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि बुधवार रात 8 बजे के बाद अचानक पार्क की लाइट्स बंद कर दी गईं। पहचान न हो सके, इस वजह से पुलिस ने अंधेरे में प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठीचार्ज किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान भोपाल पुलिस का एक विवादित बैनर भी सामने आया था, जिसमें प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षकों पर गोली चलाने की बात लिखी गई थी। अब गुरुवार को अतिथि शिक्षकों पर FIR कर दी गई है। अतिथि शिक्षकों ने कहा है एफआईआर वापस लें नहीं सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में ,जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
चार नामजद सहित अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज
थाना टीटी नगर पुलिस ने अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष केसी पवार, बीएम खान, मुकेश जोशी, संतोष व अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। थाना प्रभारी सुनील भदौरिया ने बताया कि टीटी नगर थाने में चार नामजद सहित अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन बिना अनुमति किया जा रहा था। बीएनएस की धारा 223 के अंतर्गत आरोपितों पर प्रकरण दर्ज हुआ है।
एफआईआर वापस लें, अतिथि शिक्षकों के साथ बर्बरता बर्दास्त नहीं
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा है कि अतिथि शिक्षक आतंकवादी और अपराधी नहीं हैं। अतिथि शिक्षकों की मांगें जायज हैं । मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में हजारों अतिथि शिक्षकों को शासकीय खर्चे पर भोपाल बुलाकर 02 सितंबर 2023 को अतिथि शिक्षक पंचायत आयोजित की थी । जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मंच से गुरुजियों की भांति विभागीय परीक्षा लेकर नियमित करने ,वार्षिक अनुबंध, सीधी भर्ती में पचास प्रतिशत आरक्षण और बोनस अंक देने की घोषणाएं की थीं । घोषणा के एक वर्ष पूरा होने के बाद भी आदेश जारी नहीं हुए हैं। सैकड़ों बार आवेदन निवेदन और ज्ञापन देने के बाद भी सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जिसकी वजह से गांधी जयंती के दिन भोपाल के अंबेडकर पार्क में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देना चाहते थे । पुलिस ने बेरिगेट लगाकर रोक दिया था इसलिए उसी जगह शांतिपूर्ण तरीके से बैठ गए थे। रात के लगभग 7.30 बजे पुलिस ने लाइट बंद करवाकर अतिथि शिक्षकों पर बर्बरता से सैकड़ों अतिथि शिक्षक भाई बहिनों पर लाठियां बरसाई जिसमें उनको गंभीर चोटें आई हैं । उनके शरीर में लाठियों के निसान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। समस्त अतिथि शिक्षक मध्यप्रदेश सरकार और भोपाल पुलिस की क्रूरता का विरोध करते हैं। सरकार एफआईआर वापस ले नहीं तो शीघ्र प्रदेश के एक लाख अतिथि शिक्षक बिना अनुमति के फिर भोपाल आयेंगे । सरकार सभी पर एफआईआर करवाए कोई भी जमानत नहीं लेगा सभी अतिथि शिक्षक खुशी से जेल जायेंगे । लाठीचार्ज के विरोध में जिला स्तर तक राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे ।
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