डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के मामले में पूर्व मुख्य सचिव केएस शर्मा का कहना है कि सरकार को इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता दिखानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति नौकरी नहीं करना चाहता है और वह इस्तीफा देना चाहता है उसे इस्तीफा देने का पूरा अधिकार है। सिविल सर्विस रूल में भी ऐसा कोई नियम नहीं है कि जिसके तहत वह इस्तीफा नहीं दे सकता। जब तक कि उसने कोई बॉन्ड नहीं भरा हो वो कभी भी इस्तीफा दे सकता है। सरकार इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रही, इसके पीछे क्या करना कारण है। सरकार को एक निश्चित समय में स्पष्ट करना चाहिए। सर्विस करना न करना ये च्वाइस की बात है।
क्या इस्तीफा एक समय अंतराल के बाद स्वयं ही स्वीकार हो जाता है या सरकार को स्वीकार करना ही पड़ता है। इस सवाल पर शर्मा ने कहा कि नहीं ऐसा कोई प्रोविजन नहीं है। सरकार के स्वीकार करने के बाद ही इस्तीफा माना जाएगा। शर्मा ने कहा कि निशा आगे कोर्ट की शरण ले सकती हैं।
कमिश्नर का इस्तीफा स्वीकार
इधर, शहडोल कमिश्नर राजीव शर्मा का इस्तीफा सरकार ने स्वीकार कर लिया है। शर्मा ने कुछ ही दिन पहले सरकार को अपना इस्तीफा दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि शर्मा भी भिंड से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।
तीन महीने से अटका इस्तीफा
निशा ने तीन महीने पहले शासन को अपना इस्तीफा दिया था, जिसे आज तक स्वीकार नहीं किया गया है। इस्तीफा स्वीकार किया जाए, इसके लिए उन्होंने आमला से भोपाल तक पैदल न्याय यात्रा भी निकाली थी। इसके बाद यहां भोपाल में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। निशा आमला से चुनाव लड़ना चाहती हैं।