MP Election 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 पहले के विधानसभा चुनावों से काफी अलग नजर आ रहा है। जहां भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों को विधायक की रेस में दौड़ा दिया है तो मंत्री खुद चुनाव न लड़ने का फैसला ले रहे हैं। "1954" टिकट का नया फार्मूला तो नहीं है। अभी तो चुनाव की शुरुआत है। आगे और भी हैरान करने वाले फैसले को देखने मिल सकते हैं।
इस बार विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला लेकर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सबको चौंका दिया है। यशोधरा के इस निर्णय ने उनके हम उम्र और उनसे बड़ी उम्र के मंत्रियों को भी टेंशन में ला दिया है। 19 जून 1954 में जन्मी यशोधरा का ये कहना है कि अब वे 21 वर्ष की नहीं रहीं है। वे अब चुनाव नहीं लड़ेंगी। शिवराज कैबिनेट पर नजर डालें तो वर्तमान में इसमें चार मंत्री ऐसे हैं, जो 1954 में या उसके पहले जन्मे हैं। मंत्रियों के साथ ही इस सूची में एक नाम विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का भी आता है। वे भी 1954 से पूर्व के जन्मे हैं। 1954 कहीं टिकट कटने का नया फार्मूला तो नहीं है। अगर ऐसा होता है तो मंत्री गौरी शंकर बिसेन, गोपाल भार्गव, तुलसी सिलावट और बिसहूलाल भी इस टिकट के नए फार्मूले के दायरे में आ जाएंगे।
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दो बातें ये भी चर्चा में
यशोधर के चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद दो अन्य बातें भी सामने आ रही हैं। एक ओर कहा जा रहा है कि भले ही यशोधरा उम्र और स्वास्थ्य का हवाला दे रहीं हो लेकिन क्षेत्र में उनकी स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वे ये निर्णय ले रहीं हैं। दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि उनके स्थान पर शिवपुरी से भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान में उतारना चाहती है, इसीलिए यशोधरा से उनकी यह सीट खाली करवाई गई है।
किस का कब जन्म
बिसाहूलाल सिंह जन्म 1 अगस्त 1950
गौरी शंकर बिसेन जन्म 1 जनवरी 1952
मंत्री गोपाल भार्गव जन्म 1 जुलाई 1952
विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम जन्म 28 मार्च 1953
मंत्री यशोधरा 19 जून 1954
मंत्री तुलसी सिलावट जन्म 5 नवम्बर 1954
अध्यक्ष शर्मा ले चुके हैं गारंटी
इधर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा इस बात की गारंटी ले चुके हैं कि अब कोई मंत्री स्वास्थ्य का और उम्र का हवाला देकर चुनाव न लड़ने के लिए आलाकमान को पत्र नहीं लिखेगा। यशोधरा जी को चार बार कोराेना हुआ है इसलिए उन्होंने ये निर्णय लिया है।