मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि जिनमें निस्वार्थ भाव से जन सेवा का व्रत लेने का संकल्प है, उन्हीं को हमने टिकट दिया है। कमलनाथ ने कांग्रेस की पहली सूची के बाद ट्वीट कर अपनी यह प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि कांग्रेस ने प्रत्याशियों की नहीं, मप्र के भविष्य-निर्माताओं की सूची जारी की है। इस सूची से मप्र की जनता को सकारात्मक रूप से ये सूचित किया गया है कि जिनमें निःस्वार्थ भाव से जनसेवा का व्रत लेने का संकल्प है, उन्हें ही जनता का प्रतिनिधित्व करने के लिए आम जनता व कार्यकर्ताओं के कहने पर ये अवसर दिया गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने रविवार को नवरात्रि के पहले दिन 144 प्रत्याशियो की प्रथम सूची जारी की है।
भाजपा की सूची थोपी हुई है
नाथ ने ट्वीट किया कि कांग्रेस की लिस्ट इस मायने में भाजपा से अलग है कि कांग्रेस की लिस्ट लोकतांत्रिक है क्योंकि ये संगठन के अंतिम पायदान तक के कार्यकर्ता की सलाह को सम्मान देते हुए बनी है। इसकी दिशा लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप नीचे-से-ऊपर की ओर है। जबकि भाजपा की लिस्ट ऊपर-से-नीचे थोपी गयी है। ये एकाधिकारिता के अहंकार से चुनाव लड़ने का आदेश है और भाजपा के नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का अपमान, इन अर्थों में भाजपा की सूची अलोकतांत्रिक है। कांग्रेस जनता की सरकार बनाने जा रही है।
नाराजगी न बढ़ा दे ये बयान
कहा जा रहा है कि कमलनाथ का यह बयान कांग्रेस के नाराज नेताओं को और नाराज कर सकता है। दरअसल सूची आने बाद कई सीटों पर विरोध दिखाई दे रहा है। पुतला दहन के साथ ही टिकट के दावेदार कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। ऐसे में कमलनाथ का ये कहना कि जिनमें निःस्वार्थ भाव से जनसेवा का व्रत लेने का संकल्प है, हमने उन्हें ही टिकट दिया है। नाराज नेताओं को और नाराज कर सकता है।
बीजेपी बोली- नाथ ने छिड़का जख्मों पर नमक
कमलनाथ के बयान पर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि इसे कहते हैं चोरी और सीना जोरी। नाथ जी कह रहे हैं कि हमने नि:स्वार्थ भाव से जन सेवा करने वालों को टिकट दिया है, हमारी सूची लोकतांत्रिक है। अब इससे बड़ी हास्यास्पद बात और क्या हो सकती है। नाथ जी आप यह भी बता दें कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति सहित आपने जिन पांच विधायकों के टिकट काटे हैं, क्या यह लोग स्वार्थ से राजनीति कर रहे थे। जिन योग्य लोगों को दरकिनार कर आपने अयोग्य लोगों को प्रदेश भर में टिकट दिए हैं क्या वह सारे योग्य लोग स्वार्थ भावना से कांग्रेस में काम कर रहे थे। बिजावर से लेकर इंदौर के क्षेत्र क्रमांक 4 तक जो डील के मामले सामने आए हैं, क्या इस तरह की लोकतांत्रिक सूची आपने बनाई है।
आपकी सूची में अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को, महिला उत्पीड़न वाले लोगों को, संत समाज का अपमान करने वालों को, एक ही परिवार के लोगों को, भ्रष्टाचारियों को, सवर्ण समाज को गाली बकने वालों को, महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को टिकट दिए गए हैं, क्या यही आपकी लोकतांत्रिक सूची है। नाथ जी आपने ऐसा कहकर जिन योग्य लोगों का आपने हक मारा है, जिन्हें टिकट से वंचित किया है, उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया हैं। शायद नागौद के यादवेंद्र सिंह जी ने ठीक ही कहा है कि आप अहंकार के मद में जी रहे हैं।