मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के सात सांसदों की किस्मत दांव पर है। इनमें तीन केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। शुक्रवार को होने वाला मतदान इन सभी का भाग्य तय करेगा। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को टक्कर देने के लिए इस बार 230 विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर अपने सांसदों को प्रत्याशी बनाकर उतारा है।
इन सभी के पास न सिर्फ अपनी सीट जीतने का जिम्मा है, बल्कि इन्हें अपने आसपास की सीटों को भी विजय बनाने की जिम्मेदारी पार्टी ने दी है। ऐसे में इन्होंने अपनी सीट के साथ-साथ अन्य सीटों पर भी प्रचार की कमान संभाल रखी थी।
दिमनी
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर विधानसभा सीट दिमनी से चुनाव मैदान में हैं। वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के पास है। 2018 के चुनाव में रविंद्र तोमर यहां से जीते थे। कांग्रेस ने एक बार भी फिर रविंद्र पर ही दांव खेला है। ऐसे तोमर-तोमर आमने-सामने हैं। बीएसपी का भी यहां अच्छा होल्ड है। नरेंद्र तोमर पर इस सीट को जीतने का दवाब रहेगा।
नरसिंहपुर
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल महाकोशल की सीट नरसिंहपुर से चुनाव मैदान में हैं। वर्तमान में यह सीट भाजपा के ही पास है। 2018 के चुनाव में प्रह्लाद पटेल के भाई जालम यहां से चुनाव जीते थे। लेकिन इस बार उनके स्थान पर उनके बड़े भाई प्रह्लाद पटेल को टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने लाखन पटेल को रिपीट करते हुए उन्हें ही प्रत्याशी बनाया है।
निवास
केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला की निवास सीट से चुनाव प्रत्याशी हैं। ये सीट भी महाकौशल में आती है। कांग्रेस ने सिटिंग एमएलए का टिकट काटकर चैन सिंह को टिकट दिया है। अभी ये सीट कांग्रेस के पास है, जिसे जीतने का दवाब कुलस्ते पर है।
गाडरवाड़ा
सांसद उदयराव प्रताप सिंह नरसिंहपुर की गाडरवाड़ा सीट से उम्मीदवार हैं। ये सीट भी महाकौशल में आती है। कांग्रेस की सुनीता पटेल उदयराव के सामने हैं। ये सीट अभी कांग्रेस के पास ही है। इन पर भी ये सीट कांग्रेस से छीनने का दवाब है।
सीधी
सांसद रीती पाठक सीधी सीट से चुनाव लड़ रही हैं। यहां भाजपा के बागी केदार शुक्ल ने इनकी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। कांग्रेस ने यहां से ज्ञान सिंह को टिकट उतारा है। यह सीट अभी भाजपा के पास है, जिससे बरकरार बनाए रखने का दवाब पाठक पर है।
सतना
सांसद गणेश सिंह सतना से प्रत्याशी हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा से है। ये सीट अभी कांग्रेस के पास है, जिसे बीजेपी के लिए जीतने का दवाब गणेश सिंह पर है।
जबलपुर पश्चिम
सांसद राकेश सिंह जबलपुर पश्चिम से चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने कांग्रेस के पूर्व मंत्री तरुण भनोट हैं। ये सीट कांग्रेस के पास है, इसे जीतने का दवाब भी सिंह पर है।