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कफ सिरप कांड: 'जांच में देरी की वजह से बढ़ा मौत का आंकड़ा', मुखर हुए कांग्रेस नेता; जानिए किसने क्या कहा

Sun, 05 Oct 2025 03:23 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Cough Syrup Deaths in MP : कांग्रेस ने इस मामले को सरकार की गंभीर लापरवाही बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जांच में देरी और मंत्री द्वारा बार-बार क्लीन चिट देने से मौतों का आंकड़ा बढ़ता गया।
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कफ सिरप से मौत को कांग्रेस नेताओं ने बनाया मुद्दा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में कफ सिरप से 14 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। बच्चों की मौत के बढ़ते आंकड़े ने राजनीति में भी उथलपुथल मचा दी है। कफ सिरप से बच्चों की मौत को कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही करार देते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जांच में देरी की वजह से मौत का आंकड़ा बढ़ता गया।

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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिना पड़ताल स्वास्थ्य मंत्री मामले को क्लीन चिट देते रहे, जबकि जांच में सामने आया है कि इस सिरप में खतरनाक जहरीला रसायन मौजूद था। तमिलनाडु औषधि नियंत्रण निदेशालय की रिपोर्ट में Coldrif सिरप में डायएथिलीन ग्लायकॉल (48.6% w/v) पाया गया, जो बेहद जहरीला तत्व है और स्वास्थ्य के लिए घातक है।



यह भी पढ़ें- कफ सिरप कांड: बच्चों को दवा लिखने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, अब तक 14 की मौत, जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
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विधायक बोले- ये सामान्य मौत नहीं हत्या है
छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत पर कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने कहा, "यह सामान्य मौत का मामला नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। अगर छह बच्चों की मौत के समय कार्रवाई की गई होती, तो नतीजा कुछ और हो सकता था... स्वास्थ्य मंत्री ने इसे नज़रअंदाज़ किया और जांच में तीन दिन की देरी की। तमिलनाडु ने तुरंत सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन मध्य प्रदेश ने नहीं... ज़हर की जल्द पहचान से और मौतें रोकी जा सकती थीं। पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए"



'सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए'
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा, "छिंदवाड़ा में कफ सिरप से लगभग 14 बच्चों की मौत हो चुकी है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही है। इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री, जो उपमुख्यमंत्री भी हैं, क्लीन चिट दे रहे हैं, जबकि अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए; उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। पूरी जांच के बाद, संबंधित अधिकारियों और डॉक्टरों को जेल भेजा जाना चाहिए... कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि प्रत्येक पीड़ित को 50 लाख रुपये का मुआवजा मिले।"
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जीतू बोले- क्या सरकार को हत्या का लाइसेंस दे दिया गया है?
कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी बोले, "सरकार बेहद असंवेदनशील है। यहां तक कि जब तमिलनाडु ने कहा कि कफ सिरप में कुछ ऐसे तत्व थे, जो बच्चों की मौत का कारण बन रहे थे, तब भी सरकार उसे क्लीन चिट देती रही... अगर सरकार में थोड़ी भी शालीनता है, तो अभी स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए... क्या सरकार को हत्या का लाइसेंस दे दिया गया है? मेरा मानना है कि स्वास्थ्य मंत्री को अभी उनके पद से हटा देना चाहिए।"

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