मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लोकतंत्र के लिए जरूरी प्रक्रिया बताया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि एसआईआर को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर भरोसा न करें और निर्वाचन आयोग की तय प्रक्रिया के अनुसार ही जानकारी लें। सीएम मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब मतदाता सूची अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। एसआईआर के जरिए मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें हर जागरूक मतदाता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि करें और निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करें।
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निर्धारित प्रक्रिया पर विश्वास करें
सीएम मोहन यादव ने कहा कि एसआईआर को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेयेरशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेरा आग्रह है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। आइए, अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।
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विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगा रहे आरोप
बता दें मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विपक्षी पार्टियां विरोध कर रहा हैं। इसको लेकर सीजेपी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के सदस्यों वाली एक संवैधानिक संस्था को मिली शक्तियों का इस्तेमाल कानून के तहत जरूरी सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा हैं। इनके द्वारा एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर आरोप लगाया जा रहा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 माह के करीब 14 बार मतदात सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और आयोग के टेक्नोलॉजी सिस्टम से जुड़े फैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा हैं।