मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। इस बजट में राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और खेलों के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। सरकार ने नए कौशल विकास कार्यक्रमों और खेल अधोसंरचना के विस्तार के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं।
कौशल विकास को नई उड़ान
खेलों को बढ़ावा: ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
'सीएम युवा-शक्ति योजना': हर विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक स्टेडियम
खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए "सी.एम. युवा-शक्ति" योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक आधुनिक स्टेडियम तैयार किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 25 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है।
परंपरागत खेलों को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए "परंपरागत खेलों को प्रोत्साहन" योजना शुरू की जाएगी। इसमें कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा, शतरंज, कुश्ती, तीरंदाजी, गदा, पटक और कंचे जैसे खेलों की प्रतियोगिताएं भारत सरकार एवं एन.आई.एस. पटियाला के सहयोग से प्रदेशभर के विकासखंडों में कराई जाएंगी।
पिछले बजट में क्या खास था
पिछले बजट में सरकार ने खेल सुविधाओं को बढ़ाने और खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए कई बड़े कदम उठाए थे। 2024 के बजट में भोपाल को स्पोर्ट्स हब बनाने की घोषणा हुई थी, जिसके तहत नाथू बरखेड़ा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इस परियोजना के तहत हॉकी टर्फ और पैवेलियन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था।