पिछले चार वर्षों में कैसा था 12वीं का परिणाम
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मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल 12वीं कक्षा का रिजल्ट कल जारी करने की तैयारी में है। इस साल लाखों छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए हैं, जिनका इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस साल करीब 7 से 7.5 लाख के बीच छात्र-छात्राएं 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए हैं। इनमें विज्ञान, वाणिज्य और कला तीनों संकाय के विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार संख्या में हल्का बदलाव देखने को मिला है।
परीक्षा कब हुई,पास होने का नियम
12वीं की परीक्षाएं फरवरी से मार्च के बीच आयोजित की गई थीं। पूरे प्रदेश में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई। छात्रों को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों को मिलाकर कुल अंक तय किए जाते हैं।
इस बार क्या है खास
- परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए।
- निगरानी पहले से ज्यादा कड़ी रही, कई केंद्रों पर विशेष चेकिंग हुई।
- रिजल्ट प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे परिणाम जल्दी आने की संभावना बनी।
- इस बार भी मेरिट लिस्ट में लड़कियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
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पिछले साल से क्या अलग
पिछले साल के मुकाबले इस बार परीक्षा व्यवस्था ज्यादा सख्त रही। बोर्ड ने कॉपी जांच और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को भी तेज किया है, जिससे नतीजे समय से पहले जारी होने की स्थिति बनी। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट ऑनलाइन देख सकेंगे। अगर किसी को अपने अंकों पर संदेह है, तो वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेगा। 12वीं का रिजल्ट छात्रों के करियर के लिए बेहद अहम होता है। इसके आधार पर उन्हें कॉलेज एडमिशन और आगे की पढ़ाई का रास्ता तय करना होगा।