फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP Board 10th Result 2026: 10वीं बोर्ड के 73.42% रहे नतीजे, छात्राओं ने मारी बाजी; पन्ना की प्रतिभा टॉपर

Wed, 15 Apr 2026 11:21 AM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Board 10th Result 2026 Update: मध्य प्रदेश 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम 73.42% रहा। छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया। मेरिट में 378 छात्र शामिल हुए। अनूपपुर 98.8% के साथ अव्वल रहा, जबकि पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी 499 अंक लेकर टॉपर बनीं।
विज्ञापन
एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें कुल परिणाम 73.42% रहा। इस बार भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिणाम जारी करते हुए छात्राओं की उपलब्धि की सराहना की। रिजल्ट 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे घोषित किया गया। इस वर्ष परिणाम तय समय से लगभग तीन सप्ताह पहले जारी हुआ, जिससे लाखों छात्रों का इंतजार जल्दी समाप्त हो गया। वर्ष 2025 में 10वीं का परिणाम 6 मई को आया था, जबकि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया पहले पूरी होने के कारण नतीजे जल्द घोषित किए गए।

विज्ञापन

 
मेरिट सूची में कुल 378 छात्रों ने स्थान बनाया है, जिनमें 143 छात्र और 235 छात्राएं शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जिलेवार प्रदर्शन की बात करें तो अनूपपुर का परिणाम सबसे अधिक 98.8 प्रतिशत रहा, जो पूरे प्रदेश में सर्वोच्च है।
 
इस वर्ष की टॉपर पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी हैं, जिन्होंने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। उनका प्रदर्शन इस वर्ष के परिणामों की प्रमुख उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन




परिणाम देखने के लिए यहां क्लिक करें


 
छात्रों की संख्या और इंतजार का अंत
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं का रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे जारी किया। इस साल 8 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए हैं, जिनका इंतजार अब खत्म हो गया है। छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह परीक्षा राज्य की प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल रही है।
 
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया
छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpbse पर रोल नंबर और आवेदन संख्या डालकर देख सकते हैं। इस साल करीब 8 लाख से ज्यादा नियमित और स्वाध्यायी छात्र परीक्षा में शामिल हुए। पिछले साल भी लगभग इतने ही छात्र शामिल हुए थे, लेकिन इस बार संख्या में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे।


 
परीक्षा की तिथियां और पास होने का नियम
10वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होकर 2 मार्च 2026 तक चली थीं। परीक्षा पूरे प्रदेश में निर्धारित केंद्रों पर कराई गई। छात्रों को हर विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल मिलाकर कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। इससे कम अंक होने पर छात्र को उस विषय में असफल माना जाएगा।

पढ़ें- MPBSE MP Board Result 2026 Live: बस कुछ ही देर में जारी हो रहा दसवीं व बारहवीं बोर्ड का परिणाम, यहां देखें
 
इस साल की प्रमुख विशेषताएं
इस बार परिणाम पिछले साल की तुलना में पहले जारी किया जा रहा है, जो एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए और सख्त निगरानी रखी गई। हर साल की तरह इस बार भी मेरिट सूची में लड़कियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

कैसा रहा पिछले साल का परिणाम?
  • कुल परिणाम: 76.22 प्रतिशत
  • नियमित छात्रों का पास प्रतिशत: करीब 73 प्रतिशत
  • स्वाध्यायी छात्रों का पास प्रतिशत: करीब 28 प्रतिशत
विज्ञापन


पिछली बार छात्राओं ने मारी थी बाजी
पिछले साल भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत करीब 79 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का परिणाम लगभग 73 प्रतिशत के आसपास रहा। लाखों छात्रों में से बड़ी संख्या ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की, जिससे रिजल्ट की गुणवत्ता बेहतर मानी गई। जो छात्र एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाए, उन्हें पूरक परीक्षा का अवसर दिया गया था जिससे उनका साल खराब नहीं हुआ।

 
पिछले साल की तुलना में बदलाव
पिछले वर्षों में रिजल्ट जारी होने में अधिक समय लगता था, लेकिन इस बार बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को तेज करते हुए परिणाम जल्दी घोषित करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही परीक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाया गया।
 
पुनर्मूल्यांकन का विकल्प
यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। यह प्रक्रिया छात्रों को उनके प्रदर्शन के पुनः मूल्यांकन का अवसर देती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें