फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP Assembly Session: विधानसभा में उठा एमबीबीएस छात्रा रोशनी की मौत का मामला, सीबीआई से जांच कराने की मांग

Mon, 23 Feb 2026 04:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी की मौत का मामला विधानसभा में गूंजा। जांच CBI से कराने की मांग उठी, जबकि सरकार ने SIT जांच, पोस्टमार्टम और साक्ष्यों के आधार पर हत्या के प्रमाण न मिलने की बात कही। विपक्ष ने निष्पक्ष जांच और काउंसलिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए।
विज्ञापन
मप्र विधानसभा का बजट सत्र। - फोटो : mpvidhansabha.nic.in
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी की मौत का मामला विधानसभा में उठा। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक सेना महेश पटेल ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। वहीं मंत्री नरेद्र शिवाजी पटेल ने इसका जवाब देते हुए कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम के समय रोशनी की मां मौजूद थीं। इस घटना की जांच के लिए  SIT का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि SIT में तीनों अधिकारी महिलाएं हैं।
विज्ञापन


विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि इस घटना की सूचना समय पर रोशनी के परिजनों को दी गई थी। वहीं विधायक पटेल ने हत्या का संदेह होने की बात सदन में कही। उनका आरोप है कि पुलिस उचित जांच नहीं कर रही है। इस पर जवाब देते हुए  मंत्री नरेद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि रोशनी प्राइवेट होस्टल में रह रही थी। गांधी मेडकिल कॉलेज में पांच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है। मृतका के सिर पर कोई चोट नहीं पाई गई है। मृतका के फोन की जांच भी की गई है। रोशनी ने स्वयं वाट्सअप ग्रुप में लिखा है कि डॉक्टरी की पढ़ाई समझ नहीं आ रही है। रोशनी कैमरे में तीसरी मंजिल पर जाते हुए दिखाई दी है। उसके पास एसिड की बोतल मिली है। अभी तक हत्या के साक्ष्य नहीं पाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी थी। इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया गया है। रोशनी का शव जिस कमरे में मिला था उसका दरवाजा अंदर से बंद था।  

ये भी पढ़ें- MP Assembly Session: कांग्रेस विधायकों का भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रदर्शन, इस मुद्दे पर पुनर्विचार की मांग
विज्ञापन


बच्चों की काउंसलिंग क्यों नही करवाई जा रही
विधायक राजन मंडलोई ने छात्रा की मौत पर कहा कि पहले भी मेडिकल कॉलेज में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। नए बच्चों की काउंसलिंग क्यों नही करवाई जा रही है। इस घटना को पुलिस ने शुरू से ही आत्महत्या मान लिया है। इस पूरी घटना की जांच जातिगत भेदभाव के नजरिए से भी नहीं हुई है। इस पर मंत्री नरेद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि वे भी गांव से निकलकर इंजीनियरिंग कॉलेज गए थे। वहां बहुत चुनोतियों का सामना किया था। वे भी ओबीसी वर्ग से आते हैं। उनके सभी का स्नेह मिला। इस घटना में प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर जांच  की जा रही है। जांच के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


सिंघार ने भी उठाए सवाल
वहीं नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार ने कहा कि रोशनी एक आदिवासी परिवार की थी। पढ़ने में बच्ची मेघावी थी तो आत्महत्या कैसे कर सकती है। उसके शरीर पर निशान हैं। क्या बच्ची ने खुद ही गला दबाया है?
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें