महाराष्ट्र से होता हुआ दक्षिण पश्चिम मानसून बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश पहुंच गया। अपने तय समय से सात दिन पहले पहुंचे मानसून के कारण भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक बेतूल, मंडला, खंडवा जबलपुर और शहडोल व आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।
इसके अलावा भोपाल, सागर, ग्वालियर और दो अन्य मंडलों व इंदौर समेत नौ जिलों भी अगले दो दिन अच्छी बारिश होगी। मानसून आमतौर पर 17 जून तक प्रदेश में दस्तक देता है। बीते वर्षों में पहली बार है जब यह समय से पहले मध्य प्रदेश पहुंचा है।
महाराष्ट्र में 15 एनडीआरएफ टीमों ने संभाला मोर्चा
भारी बारिश की चेतावनी के बाद एनडीआरएफ की 15 टीमों ने राहत कार्य के लिए महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में मोर्चा संभाल लिया है। एनडीआरएफ महानिदेशक एसएन प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि चार टीमें रत्नागिरी, मुंबई, सिंधुदुर्ग, पालघर, रायगढ़, ठाणे में दो-दो टीमें और एक टीम कुर्ला में तैनात की गई है। इन टीमों के राज्य सरकार की मांग पर तैनात किया गया है।
रायगढ़ में रेड अलर्ट, 1000 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में शुक्रवार तक भारी से भीषण बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने 20 गांवों से 1139 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। रायगढ़ में पिछले 24 घंटे में औसत 58 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 12 व 13 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।
ओडिशा में अगले पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों में अगले पांच दिन भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने सभी जिला कलक्टरों व नगर आयुक्तों को सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।
इसमें कहा गया कि 11 जून को उत्तर बंगाल की खाड़ी व आसपास के इलाके में कम दबाव बनने के कारण 10 से 14 जून तक ओडिशा के अधिकतर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में हादसों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियां की जाएं। निचले इलाकों से अगर लोगों को हटाने की जरूरत महसूस होती है तो उन्हें कोविड नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।