दुर्गादास उईके ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के बैतूल से लोकसभा सांसद दुर्गादास उईके को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। दुर्गादास उइके का जन्म 29 अक्टूबर 1963 में ग्राम मीरापुर जिला बैतूल में हुआ था। उनके पिता स्व.सूरतलाल उइके, माता स्व. रामकली उइके, पत्नी ममता उईके हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता एमए, बीएड है। पेशे से शिक्षक दुर्गादास उइके 2019 में इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे और पहली बार उन्हें भाजपा ने सांसद पद का प्रत्याशी बनाया था। वह लंबे समय से गायत्री परिवार से भी जुड़े हुए हैं। वे राजनीति में आने से पहले वे एक शिक्षक थे। उईके आदिवासी वर्ग से आते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जातिगत समीकरणों को साधने के लिए उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया है।
दुर्गादास उईके भाजपा से दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने 32 साल तक शिक्षक के रूप में सेवा दी। 61 साल के दुर्गादास उईके सालों पहले संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे। आरएसएस ने ही उन्हें आदिवासी बाहुल्य बैतूल में राजनीतिक तौर पर आगे बढ़ाया। 2019 में दुर्गादास उइके ने कांग्रेस के प्रत्याशी को 3 लाख 60 हजार 241 वोटों के भारी भरकम अंतर से हरा दिया था। बैतूल लोकसभा सीट पर 2024 में एक बार फिर भाजपा के दुर्गादास उइके ने जीत हासिल की। लोकसभा चुनाव में इस बार दुर्गादास ने कांग्रेस के प्रत्याशी रामू टेकाम को 3,79761 वोटों से शिकस्त दी। दुर्गादास उइके को 854298 वोट मिले और उनका वोट शेयर 62.5 फीसदी रहा। कांग्रेस के प्रत्याशी रामू टेकाम को 474575 वोट ही मिले और उनका वोट शेयर मात्र 35.40 फीसदी रहा।