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भोपाल में हाई अलर्ट ड्रिल: एनएसजी ने ‘आतंकी हमले’ का किया सजीव अभ्यास, रानी कमलापति स्टेशन के पास दिखाया दमखम

Tue, 05 May 2026 08:53 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में रानी कमलापति स्टेशन के पास बंसल वन बिल्डिंग में एनएसजी ने हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल की। आतंकियों की काल्पनिक स्थिति में बंधक बचाव, निष्क्रियकरण और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय का प्रभावी अभ्यास किया गया।

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मॉक ड्रिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और आपसी समन्वय का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास स्थित बंसल वन बिल्डिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो द्वारा हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

इस अभ्यास में बहुमंजिला इमारत में आतंकियों के घुसने जैसी काल्पनिक लेकिन गंभीर स्थिति को वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। ड्रिल के दौरान एनएसजी कमांडो ने आतंकियों को निष्क्रिय करने, बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने और इमारत के भीतर नियंत्रण स्थापित करने जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों का अभ्यास किया।

यह पूरी कवायद पिछले एक महीने से चल रहे विशेष प्रशिक्षण का हिस्सा थी, जिसका अंतिम प्रदर्शन इस मॉक ड्रिल के रूप में किया गया। अभ्यास के दौरान कमांडो की रणनीति, गति और सटीकता ने उनकी उच्च स्तरीय तैयारी को दर्शाया।

सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर बम डिस्पोजल और डिटेक्शन स्क्वॉड की टीम भी तैनात रही। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई और भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी की गई।

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एनएसजी के ग्रुप कमांडर कर्नल अभिषेक सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने से एनएसजी और राज्य पुलिस की काउंटर टेररिज्म यूनिट्स के बीच संयुक्त प्रशिक्षण चल रहा था। इस प्रशिक्षण में बिल्डिंग इंटरवेंशन, बम निष्क्रिय करना, टैक्टिकल ड्राइविंग, वीआईपी सुरक्षा तथा आक्रामक और रक्षात्मक रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया।

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के लिए दो संभावित स्थान चुने गए थे। बंसल वन टावर और भोपाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट। इनमें से एक स्थान की जानकारी टीमों को पहले से नहीं दी गई थी, ताकि उनकी वास्तविक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया जा सके। इस प्रकार के अभ्यास सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी आतंकी खतरे से निपटने के लिए और अधिक सक्षम बनाते हैं।

 

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