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मालेगांव केस: कोर्ट से बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा का बयान, कहा- भगवा, हिंदुत्व और सनातन की हुई विजय

Sat, 02 Aug 2025 10:02 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Sadhvi pragya: मालेगांव केस में बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा गढ़ने वाली कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह काला हुआ, भगवा, हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का बोलबाला।

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साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर - फोटो : ANI
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विस्तार
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मालेगांव बम विस्फोट मामले में विशेष एनआईए अदालत से बड़ी राहत मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे भगवा, हिंदुत्व और सनातन की विजय बताया।

साध्वी प्रज्ञा ने अपने पोस्ट में लिखा कि भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा गढ़ने वाली कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह काला हुआ, भगवा, हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का बोलबाला। बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्दू राष्ट्र, जय श्रीराम।

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सत्य की जीत
बीजेपी नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। धर्म और सत्य हमारे साथ थे, इसलिए हमारी जीत तय थी। सत्यमेव जयते! उन्होंने कहा कि देश हमेशा धर्म और सत्य के साथ रहा है और हमेशा रहेगा।

पढ़ें:  BJP नेता शर्मा ने कहा- कांग्रेस ने गढ़ा हिंदू आतंकवाद, साध्वी बोलीं- मेरा जीवन बर्बाद हो गया

एनआईए कोर्ट से मिली राहत
गौरतलब है कि वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ली थी और साध्वी प्रज्ञा समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की करीब 16 साल तक चली सुनवाई के बाद, विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा। कोर्ट के फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवा आतंकवाद का नैरेटिव एक राजनीतिक साजिश था और उसका आज पटाक्षेप हो गया है।

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कौन-कौन थे आरोपी? 
मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगे थे। इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मुकदमा चला है, जिनमें हत्या, साजिश, सांप्रदायिकता फैलाना, और आतंक फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच की और कोर्ट से आरोपियों को उनके अपराध के अनुसार सजा देने की मांग की थी। 

 

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