एम्स भोपाल में अब मरीजों को इलाज और जांच के भुगतान के लिए नकद लेकर आने की जरूरत नहीं होगी। अस्पताल ने भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से प्री-पेड स्मार्ट कार्ड सुविधा शुरू की है, जो 15 अगस्त से लागू होगी। इस कार्ड के जरिए मरीज अस्पताल की विभिन्न सेवाओं का आसानी से कैशलेस भुगतान कर सकेंगे।
एम्स भोपाल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अस्पताल में फीस और अन्य भुगतान के लिए नकद रुपये लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। एम्स ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से प्री-पेड स्मार्ट कार्ड सुविधा शुरू की है, जो 15 अगस्त 2026 से मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। इस कार्ड की मदद से मरीज अस्पताल की विभिन्न सेवाओं का भुगतान कैशलेस और कुछ ही मिनटों में कर सकेंगे। इससे भुगतान काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी छुटकारा मिलेगा।
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दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा
एम्स प्रशासन के अनुसार, बाहर से आने वाले मरीजों को अब अपने साथ अधिक नकद राशि रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्मार्ट कार्ड में राशि जमा कर अस्पताल की अलग-अलग सेवाओं का भुगतान आसानी से किया जा सकेगा। इससे इलाज की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज होगी।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बड़ा कदम
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने कहा कि यह पहल अस्पताल को पूरी तरह डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। स्मार्ट कार्ड से भुगतान में समय बचेगा और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
22 जुलाई को हुआ शुभारंभ
स्मार्ट कार्ड सेवा का शुभारंभ 22 जुलाई को एम्स भोपाल और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से मरीजों का अनुभव पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और परेशानी मुक्त होगा।