मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाने में खड़े जब्त वाहनों में आग लगने से पांच कारें और एक स्कूटर जलकर खाक हो गए। दोपहर में थाना परिसर के पास खड़ी कारों में अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें देखकर पुलिसकर्मियों ने उसे बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है। घटना ने थानों में लंबे समय से जमा पुराने जब्त वाहनों के निस्तारण की व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाना परिसर में खड़ी कारों में अचानक भड़की आग
जहांगीराबाद थाना प्रभारी हरिकिशन लोरिया के मुताबिक, थाना परिसर के सामने लंबे समय से जब्त और कंडम वाहन खड़े हैं। दोपहर में ग्राउंड के पास खड़ी कारों में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख पुलिसकर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया और तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पांच कारें और एक स्कूटर जल चुके थे। पुलिस ने मामले में आगजनी का प्रकरण दर्ज किया है। आग लगने के कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
थानों में वर्षों से जमा हैं पुराने जब्त वाहन
जहांगीराबाद थाना परिसर में हुई आगजनी ने पुराने जब्त वाहनों के रखरखाव और निस्तारण से जुड़ी समस्या को फिर सामने ला दिया है। भोपाल के कई थानों में लंबे समय से जब्त और कंडम वाहनों का जमावड़ा है। थाना परिसरों में सैकड़ों वाहन खड़े हैं। इनमें ऐसे वाहन भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनसे जुड़े मामले अब न्यायालय में लंबित नहीं हैं।
इसके बावजूद वाहनों के निस्तारण की ठोस व्यवस्था नहीं होने से थाना परिसरों की जगह घिरी हुई है। लंबे समय तक खुले में खड़े रहने वाले इन वाहनों के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बने रहते हैं। जहांगीराबाद की घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब्त वाहनों के सुरक्षित भंडारण और समय पर निस्तारण के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है।
पिछले साल हनुमानगंज थाने में भी लगी थी आग
भोपाल के हनुमानगंज थाना परिसर में भी पिछले साल खड़े वाहनों में आग लगने की घटना सामने आई थी। इसके बावजूद पुराने और अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। बताया जाता है कि राजधानी के अलग-अलग थाना परिसरों में 1990 के दशक तक के चार हजार से अधिक पुराने वाहन जमा हैं।
आग के कारणों की जांच, निस्तारण पर फिर सवाल
जहांगीराबाद थाना परिसर में आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने आगजनी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि, इस घटना ने थाना परिसरों में वर्षों से खड़े जब्त और कंडम वाहनों के सुरक्षित भंडारण तथा निस्तारण की जरूरत को फिर रेखांकित किया है। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो ऐसे हादसों का खतरा बना रह सकता है।