सरकारी बयान में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री ने इंदौर के जिलाधिकारी मनीष सिंह को लिफ्ट हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। इंदौर के जिलाधिकारी कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि निजी अस्पताल की लिफ्ट की खराबी तथा इसमें हुई दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं और एक अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) को इसका जिम्मा सौंपा गया है।
अस्पतला ने लिफ्ट गिरने की बात से इनकार किया
उधर, डीएनएस हॉस्पिटल के एक अधिकारी ने लिफ्ट गिरने की बात से इनकार करते हुए कहा कि क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने से यह ऊपर जाने के बजाय अचानक नीचे की ओर जाकर बेसमेंट में पहुंच गई। अधिकारी के मुताबिक हादसे के वक्त लिफ्ट में कमलनाथ समेत 13-14 लोग सवार थे।
उन्होंने कहा, "लिफ्ट के नीचे की तरफ जाने के बाद लिफ्टमैन इसे बेसमेंट में ले गया और इसमें सवार कमलनाथ तथा अन्य लोगों को बाहर निकाला। ये लोग बेसमेंट से सीढ़ियां चढ़कर अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर पहुंचे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल के हाल-चाल जानने के बाद दूसरी लिफ्ट से नीचे उतरकर अगले पड़ाव की ओर रवाना हुए।"