कोरोना महामारी और जंगलों में लगती आग के बीच मध्यप्रदेश के रातापानी जंगल से एक सुखद खबर सामने आई है। दो साल पहले एक घायल बाघ की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसके बाद उसके मृत होने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन हाल ही में उस घायल बाघ के जिंदा होने की खबर मिली है।
एक वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी ने कहा कि वो टाइगर अभी जिंदा है, इलाके से गायब हुआ हर बाघ मृत नहीं माना जाता है। अधिकारी ने बताया कि बाघ काफी घूमते हैं और उनके पास एक प्राकृतिक शक्ति होती है, जो खुद ब खुद उनका जख्म भर देती है। अधिकारी ने बताया कि साल 2019 में भोपाल के वन विभाग ने बाघ को दोबारा कहीं देखा। ये जगह उस जगह से 60 किमी थी, जहां बाघ को पहले देखा गया था।
इस बाघ को पहली बार बारिश के मौसम में दो साल पहले देखा गया था। दस दिसंबर 2019 को वन अधिकारियों के सामने यह जानकारी आई कि नयापुरा इलाके में बाघ को दोबारा देखा गया है, यहां बाघ के वन विभाग द्वारा बिछाए गए तारों के गुच्छे में फंस गया था।
खबर सुनते ही वन विभाग के अधिकारी बाघ को बचाने वहां पहुंचे तो देखा कि बाघ ने तारों के बेड़े को तोड़ दिया है और वहां से चला गया है। अधिकारी लगातार बाघ की चाल पर निगरानी करते रहे और 14-19 दिसंबर 2019 के बीच बाघ की चाल और प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करते रहे।