सूखी सेवनिया इलाके में 315 बोर की बंदूक से निकली गोली एक घर के टीन को चीरती हुई अंदर चली गई। इस मामले में गोली चलाने वाले व्यक्ति की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। घटनास्थल अयोध्या नगर थाने की सीमा के नजदीक है जबकि प्रकरण सूखीसेवनिया थाने में दर्ज हैं। अब करीब दो किलोमीटर के दायरे में लाइसेंसी बंदूक रखने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार राजू विश्वकर्मा नाम का युवक क्रसर बस्ती में रहता है तथा वाहनों को धुलाई का काम करता है। एक हफ्ते पहले सोमवार की दोपहर वह अपने घर में ही था। इसी दौरान उसे मकान की छत पर लगे टीन पर कुछ गिरने की आवाज आई। उसे लगा किसी ने पत्थर फेंका होगा। उसने छत की ओर नजर दौड़ाई तो टीन में छेद दिखा। इसके बाद उसे कमरे की एक दीवार पर चली हुई गोली का खोखा धंसा हुआ दिखा। घटना की खबर लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने खाली खोका जब्त कर लिया।
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थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी ने बताया कि गोली 315 बोर की लाइसेंस से चलाई गई है। अनुमान है कि किसी ने हर्ष फायर किया। नीचे आने पर गोली टीने को भेदती हुई अंदर आई है। पुलिस अब थाना क्षेत्र में लाइसेंसी बंदूक रखने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुलिस ने एलएसएल टीम ने भी निरीक्षण किया है। क्रशर बस्ती के पास ही अयोध्या नगर थाने की सीमा है, जबकि सूखी सेवनिया थाना वहां से काफी दूर है। घटनास्थल के पास कितने लाइसेंसी बंदूकधारी लोग हैं। इसकी जानकारी लेने के लिए सूखीसेवनिया के साथ ही अयोध्या नगर पुलिस को भी जानकारी देनी होगी। सूत्रों ने बताया कि अयोध्या नगर पुलिस द्वारा कोई भी जानकारी न देने के कारण गोली चलाने वाले की पहचान नहीं हो पा रही है।
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एक महीने बाद भी रिटायर्ड डीएसपी का बेटा गिरफ्त से दूर
कोलार इलाके में हवाई फायर के बाद गोली लगने के कारण 10 वर्षीच बच्ची की मौत के मामले में अभी आरोपी युवक की गिरफ्तार नहीं हो पाई है। पुलिस ने इस मामले में इलाके में रहने वाले रिटायर्ड डीएसपी श्यामलाल यादव व उनके बेटे को आरोपी बनाया है। जानकारी के अनुसार गत 2 अक्टूबर को कोलार की राजहर्ष कॉलोनी में बच्ची रिया रजक घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक चली गोली उसके सिर में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में सामने आया कि गोली पास में रहने वाले रिटायर्ड डीएसपी के घर से चली थी। एफएसएल की टीम ने घटना स्थल का रिक्रिएशन करते हुए इस दिशा में संदेह जताया था। इसके बाद पुलिस ने श्यामलाल यादव के घर से जब्त लाइसेंसी रायफल और बच्ची के शरीर से मिली गोली की पुष्टि हुई कि गोली उसी रायफल से बैलेस्टिक जांच कराई। रिपोर्ट में पुष्टि के बाद पुलिस ने पूर्व डीएसपी और उनके बेटे के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया।