भारतीय किसान संघ प्रदेशअध्यक्ष कमल सिंह आंजना
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लैंड पूलिंग योजना को लेकर भारतीय किसान संघ (BKS) और सरकार के बीच गतिरोध फिर गहरा गया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने प्रशासन द्वारा जारी किए गए संशोधन पत्र को 'चालाकी' बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। BKS ने बताया कि 17 तारीख को भोपाल में मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, और चीफ सेक्रेटरी की उपस्थिति में हुई बैठक में TDPS 8 से 12 को पूरी तरह निरस्त करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम को आए पत्र में TDPS 12 में संशोधन किया गया है, जिस पर किसान संघ ने आपत्ति जताई है।
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उन्होंने कहा कि संघ अपनी मूल मांग पर कायम है कि योजना को पूर्णतः निरस्त किया जाए, न कि संशोधित। आंजना ने कहा कि यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है, तो वे पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेंगे। रणनीति तय करने के लिए BKS की टोली एक-दो दिन में बैठेगी, जिसके बाद 8-10 दिनों में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकता है। यह कदम सरकार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दोनों पर सवाल खड़े करता है।
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दरअसल, भारतीय किसान संघ के साथ बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लैंड पूलिंग एक्ट को वापस लेने की बात कही थी। इस संबंध में विभाग को आदेश जारी करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को विभाग की तरफ से आदेश जारी किया गया, जिसमें पूरा एक्ट खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसकी एक धारा में बदलाव किया गया है। धारा 52(1) ख के तहत धारा 50(12) क में संशोधन किया है। यानी कानून हटाया नहीं, बस उसके नियमों में संशेधन किया है। इसको लेकर किसान संघ अब फिर नाराज हो गया है।
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जानकारी के अनुसार लैंड पूलिंग के तहत एक जमीन बैंक बनाकर सरकार भू स्वामियों से जमीन लेती है। फिर उस जगह पर मूलभूत सुविधाओं के तहत पक्का निर्माण किया जाता है। बाकी जमीन भू स्वामी को वापस लौटा दी जाती है। इसमें मुआवजे का प्रावधान नहीं होता है। हालांकि, नए संशोधन के तहत सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत मुआवजा देकर विकास योजनाएं बनाएगी।