मुख्यमंत्री मोहन यादव 13 मई को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 36वीं किश्त जारी करेंगे। इस दौरान प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 1835 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हुई है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की घरेलू जरूरतें पूरी हो रही हैं और परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।
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2023 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में की गई थी। तब महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाते थे। बाद में अक्टूबर 2023 में यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये प्रतिमाह कर दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 से महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। सरकार के अनुसार, अप्रैल 2026 तक योजना की 35 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। जून 2023 से अप्रैल 2026 के बीच महिलाओं के खातों में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है।
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महिलाओं के जीवन में आया बदलाव
सरकार का दावा है कि योजना से महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य पर ज्यादा खर्च कर पा रही हैं। कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों और छोटे रोजगार से भी जुड़ रही हैं, जिससे उनकी आय बढ़ रही है। योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को मिल रहा है। इसमें आदिवासी, तलाकशुदा, परित्यक्त और कल्याणी महिलाओं को भी शामिल किया गया है। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है। राज्य सरकार ने योजना के लिए हर साल बजट में बढ़ोतरी की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाड़ली बहना योजना में करीब 23 हजार 882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आगे भी इस योजना को मजबूती से जारी रखा जाएगा।