मध्यप्रदेश में तकनीकी अनुसंधान और नवाचार को नई गति देने के लिए जल्द डीप टेक रिसर्च एवं डिस्कवरी सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर विभिन्न क्षेत्रों के लिए जरूरी आधुनिक तकनीकों की पहचान कर उनके विकास में मदद करेगा। यह घोषणा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकॉस्ट) के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस कार्यक्रम में की। भोपाल स्थित मेपकॉस्ट मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शहर के 27 शिक्षण संस्थानों के करीब 300 विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी जागरूकता और नवाचार को बढ़ावा देना था।
हर क्षेत्र में बढ़ रही तकनीक की भूमिका
डॉ. विवेक कटारे ने कहा कि आज तकनीक का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खनन, पर्यावरण संरक्षण और कम लागत वाली तकनीकों के विकास के लिए ग्रासरूट इनोवेशन बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और स्थानीय समुदायों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित डीप टेक सेंटर प्रदेश में नई तकनीकों के रिसर्च और डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बनेगा।
पोखरण परीक्षण ने दुनिया को दिखाई भारत की ताकत
कार्यक्रम में उद्योगपति, लाइफ कोच और मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. राजीव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को नवाचार, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने 11 मई 1998 को हुए पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का परिचय दिया था। इसी उपलब्धि की स्मृति में हर साल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। उन्होंने हंसा-3 विमान और त्रिशूल मिसाइल प्रणाली जैसी स्वदेशी तकनीकों का उदाहरण देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग हमेशा जनहित और राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए।
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एआई और रोबोटिक्स से बदल रही दुनिया
मैनिट भोपाल के सहायक प्रोफेसर डॉ. विजय भास्कर सेमवाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक तकनीकों और विज्ञान की भूमिका पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से उपयोग हो रही हैं। उन्होंने तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ डेटा सुरक्षा, रोजगार और तकनीक पर निर्भरता जैसी चुनौतियों को भी गंभीर बताया। उनके अनुसार तकनीकी विकास के साथ नैतिक उपयोग और जिम्मेदारी भी जरूरी है।
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रोबोटिक्स वर्कशॉप में छात्रों ने बनाए रोबोट
कार्यक्रम के दौरान आयोजित रोबोटिक्स कार्यशाला छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। रोबोनॉट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अर्पित सोनी ने विद्यार्थियों को रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी। वर्कशॉप में छात्रों ने खुद रोबोट डिजाइन किए और आधुनिक तकनीकों की कार्यप्रणाली को समझा। छात्रों ने मैन्युअल और स्वचालित दोनों प्रकार के रोबोट्स पर काम किया और तकनीकी कौशल सीखे। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर मेपकॉस्ट ने 21वीं सदी के कौशल कार्यशाला का भी आयोजन किया। इसमें विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों, नवाचार और रिसर्च के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।