मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम कमजोर होने से बारिश का दौर थम गया। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान तेजी से बढ़ा है। खजुराहो का तापमान लगातार दूसरे दिन सबसे ज्यादा रहा यहां रविवार को 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं उज्जैन में तापमान 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.2 डिग्री और गुना में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में सुबह से धूप खिली रही। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बारिश का एक और सिस्टम एक्टिव होगा जिससे प्रदेश के कई जिलों में बारिश होगी। मौसम विभाग के आंकड़े को देखें तो भोपाल, ग्वालियर समेत प्रदेश के 38 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा फुल हो गया है। यहां 100 फीसदी से 198 फीसदी तक बारिश हो चुकी है। श्योपुर ऐसा जिला है, जहां दोगुनी यानी 98 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। जबकि इंदौर, उज्जैन और रीवा अभी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। रविवार को रतलाम, धार और नर्मदापुरम में रविवार को हल्की बारिश हुई।
सितंबर के आखिरी सप्ताह तक होगी बारिश
मौसम विभाग की सीनरी वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि 23 सितंबर से लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इसके बाद बारिश का दौर शुरू हो जाएगा, जो सितंबर के आखिरी सप्ताह तक बना रहेगा। इससे पूरा प्रदेश एक बार फिर भीगेगा। मानसून के दोबार एक्टिव होने से कई जिलों में झमाझम बारिश होगी और हवा की स्पीड 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक देखी जा सकती है।इस दौरान रीवा शहडोल समेत पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में मौसम की गतिविधियां
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मानसून द्रोणिका बीकानेर, गुना, मंडला, राजनांदगांव, गोपालपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में अलग-अलग स्थानों पर हवा के ऊपरी भाग में दो चक्रवात बने हुए हैं। उत्तरी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने दोनों चक्रवात के आपस में संबद्ध होकर 23 सितंबर को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है जिसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।