मप्र और उत्तर प्रदेश के लोगों को कितना फायदा?
केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के 10 जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर और उत्तरप्रदेश के 4 जिलों में 2.51 लाख हेक्टेयर मिलाकर कुल 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना से दोनों राज्यों के करीब 65 लाख लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। मध्य प्रदेश के 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों के लिए जल संकट खत्म होगा। पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी और दतिया समेत कुल 10 जिलों के लगभग दो हजार गाव में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 7 लाख किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। वहीं, उत्तरप्रदेश में 59 हजार क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी और 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। जिससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर और बांदा जिले में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। दौधन बांध के निर्माण से उत्तरप्रदेश के बांधा जिले में बाढ़ की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
मप्र में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की दो राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं से प्रदेश के सिंचाई रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा करीब तीन लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयरहोने की संभवना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और संधारण के लिए वर्ष 2023-25 के बजट में 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
केन और बेतवा नदी के बारे में जानिए?
केन नदी बुंदलेखंड की प्रमुख नदियों में से एक हैं। यह नदी यमुना की सहायक नदी है। केन नदी मध्य प्रदेश के कटनी जिले से निकलती हैं। यह नदी उत्तर प्रदेश के बांधा जिले के चिल्ला गांव में यमुना में मिलती है। इससे पहले यह 427 किमी की दूरी तय करती है। केन नदी पर पन्ना टाइगर रिजर्व के पास दौधन गांव के पास दौधन बांध बनाकर पानी को रोका जाएगा। इसके बाद टनल और नहर के माध्य से पानी को बेतवा में छोड़ा जाएगा। वहीं, बेतवा नदी मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से निकलती है। यह नदी रायसेन, भोपाल, विदिशा से होते हुए उत्तर प्रदेश के झांसी, ललितपुर जिलों से बहती हुई यमुना में मिलती है। इससे पहले यह 590 किमी की दूरी तय करती है।